छिबरामऊ के कसाबा में एक साल से पेयजल संकट, वाल्मीकी मोहल्ले के लोगों का प्रदर्शन
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संवाद 24 संवाददाता। छिबरामऊ विकास खंड के कसाबा क्षेत्र में स्थित वाल्मीकी मोहल्ले में पिछले एक वर्ष से पेयजल संकट बना हुआ है। स्वच्छ पानी की अनुपलब्धता से परेशान ग्रामीणों ने खराब पड़े हैंडपंप के पास प्रदर्शन कर प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार मोहल्ले में लगा एकमात्र हैंडपंप लंबे समय से खराब है, जिससे साफ पानी के स्थान पर गंदा व दूषित पानी निकल रहा है। मजबूरी में इसी पानी का उपयोग करने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ गया है, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
वाल्मीकी मोहल्ले में स्वच्छ पेयजल का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो नई बोरिंग कराई गई और न ही हैंडपंप की मरम्मत हुई।
पेयजल संकट से आक्रोशित लोगों ने हैंडपंप के पास एकत्र होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में मन्जू, रूबी, सुमन, शिवम, सुन्दर, रूमित, चुन्नू, मुन्नी, सुर्रे, भूरे, सकटेलाल और विशाल शामिल रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
कसाबा निवासी वेवी ने बताया कि वाल्मीकी समाज से होने के कारण उन्हें कई बार अन्य मोहल्लों में पानी भरने से रोका जाता है, जिससे सामाजिक तनाव की स्थिति बनती है। उन्होंने कहा कि पानी की कमी के चलते बच्चे समय पर स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और दूषित पानी के सेवन से बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
मामले पर खंड विकास अधिकारी दीपांकर आर्य ने बताया कि संबंधित सचिव को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। जांच में हैंडपंप में कमी पाए जाने पर उसे दुरुस्त कराया जाएगा और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।






