थाईलैंड से आए बौद्ध भिक्षुओं का तालग्राम आगमन, विश्व शांति का दिया संदेश

संवाद 24 संवाददाता। थाईलैंड से भारत भ्रमण पर निकले 50 से अधिक बौद्ध भिक्षुओं का एक दल गुरुवार शाम कन्नौज जनपद के तालग्राम नगर पहुंचा। यह दल पदयात्रा के माध्यम से विश्व शांति, आपसी सद्भाव और मानव एकता का संदेश दे रहा है। बोधगया से प्रारंभ हुई यह यात्रा तालग्राम होते हुए आगे नेपाल की ओर बढ़ेगी।

तालग्राम नगर क्षेत्र में प्रवेश करते ही स्थानीय नागरिकों एवं समाजसेवियों ने बौद्ध भिक्षुओं का आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान भिक्षुओं की पदयात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए और शांति व भाईचारे के संदेश का स्वागत किया।

बौद्ध भिक्षुओं ने बताया कि वे थाईलैंड से विशेष रूप से भारत आए हैं और इस पदयात्रा का उद्देश्य दुनिया भर में शांति, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश फैलाना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को जोड़ने के लिए करुणा, अहिंसा और भाईचारे की भावना को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।

भिक्षुओं ने अपने संदेश में सामाजिक भेदभाव, जातिगत ऊंच-नीच और छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानवता का धर्म सबसे बड़ा धर्म है और सभी को जाति व धर्म से ऊपर उठकर एक-दूसरे के साथ समानता और सम्मान का भाव रखना चाहिए।

भिक्षु दल ने जानकारी दी कि यह पदयात्रा बोधगया से शुरू होकर नेपाल स्थित भगवान गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी तक पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। यात्रा के दौरान विभिन्न नगरों और गांवों में रुककर वे शांति, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।

प्रचारकों ने यह भी कहा कि आज समाज में बढ़ती संकीर्ण सोच और आपसी मतभेद चिंता का विषय हैं। ऐसे समय में शांति, सहिष्णुता और भाईचारे के प्रयास ही समाज को सही दिशा दे सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर ही किसी भी राष्ट्र का समग्र विकास संभव है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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