ठठिया में नीलगाय का शिकार: दो आरोपी हिरासत में, तीन फरार
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संवाद 24 संवाददाता। ठठिया थाना क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण कानून को चुनौती देते हुए शिकारियों द्वारा नीलगाय का शिकार किए जाने का मामला सामने आया है। भुन्ना मौजा के बिहारीपुर गांव में बुधवार शाम शिकारियों ने नीलगाय को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। ग्रामीणों की सतर्कता से पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना बिहारीपुर गांव में पतीराम पुत्र बदाम सिंह के खेत के पास हुई। पांच शिकारियों ने नीलगाय को घेरकर गोली मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नीलगाय ने बचने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सकी। इसके बाद आरोपी उसका मांस और खाल अलग करने लगे।
ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही ठठिया थाना प्रभारी देवेश कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस को देखकर मुख्य शिकारी मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद क्षेत्राधिकारी कुलबीर सिंह और वन विभाग के वन दरोगा सूर्य प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को हिरासत में लिया। उनके पास से नीलगाय काटने के धारदार औजार, एक जाल और कानपुर नंबर की दो मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पूछताछ के दौरान कानपुर के तीन अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें एक महिला भी शामिल है।
वन दरोगा सूर्य प्रताप सिंह की तहरीर पर वन विभाग द्वारा कुल पांच आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों में ठठिया थाना क्षेत्र के धर्मेंद्र पुत्र बुद्ध सिंह, मानसिक व धनपाल पुत्र छोटे, तथा बिल्हौर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी जग्गा और उसकी पत्नी शामिल हैं। किसी भी आरोपी के पास शिकार की वैध अनुमति नहीं पाई गई।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी नीलगाय के मांस को बाजार में बेचने की योजना बना रहे थे। वन विभाग की टीम ने नियमानुसार मेडिकल परीक्षण कराने के बाद नीलगाय के शव को दफना दिया है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।






