अयोध्या कार सेवा में शामिल रहे 108 वर्षीय राधेश्याम सिंह सिसोदिया पंचतत्व में विलीन
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संवाद 24 संवाददाता। ठठिया थाना क्षेत्र अंतर्गत तिजलापुर गांव निवासी 108 वर्षीय वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम सिंह सिसोदिया का आज तड़के सुबह करीब 3 बजे निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों के अनुसार वे वृद्धावस्था से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।
राधेश्याम सिंह सिसोदिया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अत्यंत पुराने स्वयंसेवक रहे और भारतीय जन संघ के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने वर्षों तक संगठनात्मक एवं सामाजिक कार्यों में योगदान दिया। वे अपने सरल स्वभाव, अनुशासित जीवन और राष्ट्रसेवा के लिए क्षेत्र में विशेष रूप से सम्मानित थे।
परिवारजनों ने बताया कि वर्ष 1992 में अयोध्या में हुए राम मंदिर आंदोलन के दौरान उन्होंने कार सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लिया था। आंदोलन के दौरान उन्हें कई दिनों तक जेल भी जाना पड़ा था, लेकिन उनके विचार और संकल्प कभी डगमगाए नहीं। उनका यह योगदान आज भी ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
स्वर्गीय राधेश्याम सिंह सिसोदिया एक बड़े गौसेवक के रूप में भी जाने जाते थे। उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा गौसेवा और संरक्षण को समर्पित किया। गांव में घायल, बीमार एवं बेसहारा गायों की सेवा करना उनका दैनिक जीवन का हिस्सा था।
आज पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें वे पंचतत्व में विलीन हो गए। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, स्वयंसेवकों और सामाजिक लोगों ने पहुंचकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
उनके निधन को क्षेत्र के सामाजिक, धार्मिक और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोगों ने अपूरणीय क्षति बताया है। गांव तिजलापुर सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल बना हुआ है।






