पांचाल घाट पर उमड़े कल्पवासी, मेला श्री रामनगरिया की तैयारियां तेज
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संवाद 24 फर्रुखाबाद। पांचाल घाट पर 3 जनवरी से शुरू होने वाले एक माह लंबे मेला श्री रामनगरिया को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले की आधिकारिक शुरुआत से पहले ही अब तक करीब 10 हजार संत और श्रद्धालु कल्पवास के लिए घाट पर पहुंच चुके हैं। यह धार्मिक मेला 3 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा।

मेले के प्रारंभ होने से पूर्व ही विभिन्न संप्रदायों के संतों ने अपने-अपने क्षेत्र स्थापित कर लिए हैं। गंगा तट पर श्रद्धालुओं के तंबू लगने शुरू हो गए हैं, जहां वे एक माह तक रहकर कल्पवास करेंगे। घाट क्षेत्र में धार्मिक वातावरण के साथ-साथ व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है।
प्रशासन द्वारा कल्पवासियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का तेजी से निर्माण कराया जा रहा है। मेला क्षेत्र में लगभग 1000 शौचालय बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से करीब 650 शौचालय बनकर तैयार हो चुके हैं। संतों के अखाड़ों और श्रद्धालुओं के लिए नल और पेयजल व्यवस्था भी की जा रही है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बनाए जा रहे पंडाल का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। पंडाल के समीप विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें करीब 40 स्टॉल लगाए जाने की योजना है। विकास प्रदर्शनी के माध्यम से सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मेला क्षेत्र में एक अस्थायी कोतवाली का निर्माण कराया जा रहा है, जहां पुलिसकर्मियों के ठहरने की भी व्यवस्था होगी। इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र में 9 पुलिस चौकियां बनाई जाएंगी। सुरक्षा ड्यूटी के लिए एटा से पीएसी की एक प्लाटून भी फर्रुखाबाद पहुंच चुकी है।
मेला प्रशासनिक पंडाल और विकास प्रदर्शनी सहित पूरे मेला परिसर को भगवा रंग में सजाया जा रहा है। मेला क्षेत्र में प्रवेश के लिए कुल 9 गेट बनाए जा रहे हैं, जिनका रंग भी भगवा होगा। गेटों के निर्माण का कार्य प्रगति पर है।
मेले में करीब 1000 दुकानें लगाए जाने की तैयारी है। शुक्रवार तक 488 दुकानों की रसीद काटी जा चुकी थी। दुकानदारों को 10×10 फीट की दुकानें 10 हजार से 20 हजार रुपये तक में आवंटित की जा रही हैं, जिससे मेला क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां भी तेजी पकड़ रही हैं।
संतों और श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में तीन अलग-अलग अस्पताल बनाए जाएंगे। इनमें एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। अस्पतालों में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित ड्यूटी लगाई जाएगी।
इसी बीच सुभाष आश्रम के दंडी मंडल के अध्यक्ष के नेतृत्व में दंडी संतों ने मेला व्यवस्थापक को एक ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष ने बताया कि मेला रामनगरिया में दंडी संतों का अलग क्षेत्र निर्धारित रहता है और तीनों संत समितियों की सहमति से पिछले वर्ष उन्हें अध्यक्ष बनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि एक अन्य संत स्वयं को अध्यक्ष बताकर उनके कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहा है, जबकि दंडी मंडल का अध्यक्ष केवल दंडी संत ही हो सकता है।
उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में पूर्व की भांति नल सहित अन्य व्यवस्थाएं नहीं कराई जा रही हैं, जिससे 16 आश्रमों के संत परेशान हैं और उनसे व्यवस्था कराने की मांग कर रहे हैं। दंडी संतों ने मेला व्यवस्थापक से समस्या के समाधान की मांग की है। मेला व्यवस्थापक ने संतों को शीघ्र ही सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कराने का आश्वासन दिया है। इस दौरान बड़ी संख्या में संत मौजूद रहे।






