कोहरे की चादर में लिपटा फर्रुखाबाद : दृश्यता 15 मीटर पर सिमटी, ठंड से ठिठुरा जनजीवन
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संवाद 24 संवाददाता। पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी क्षेत्रों में साफ दिखने लगा है। फर्रुखाबाद में बीते करीब 12 दिनों से घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे ठंड और गलन लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार को हालात और बिगड़े, जब सुबह के समय दृश्यता घटकर महज 15 मीटर रह गई। इससे सड़क यातायात से लेकर बाजारों तक जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
शहर के प्रमुख मार्गों और हाईवे पर वाहन चालक फॉग लाइट जलाकर बेहद धीमी रफ्तार में चलते नजर आए। कई स्थानों पर वाहनों की कतारें लग गईं, जबकि सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
तापमान में गिरावट, गलन बढ़ी
मौसम विभाग के अनुसार 18 से 25 दिसंबर के बीच जिले में अधिकतम तापमान 20 से 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहा। विभाग का अनुमान है कि 31 दिसंबर तक मौसम में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं, जिससे ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है।
रात से ही बिगड़ने लगे हालात
गुरुवार रात करीब 9 बजे से ही कोहरा तेजी से घना होने लगा था। देर रात और तड़के दृश्यता कुछ इलाकों में 10 मीटर तक सिमट गई। इसके चलते रोडवेज बसें कम यात्रियों के साथ ही सड़कों पर उतरीं और कई बसों की रफ्तार बेहद धीमी रही।
दिहाड़ी मजदूरों और रेहड़ी वालों पर असर
ठंड और कोहरे का सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। मोहम्मद साहिल ने बताया कि साइकिल से मजदूरी पर जाते समय हाथ सुन्न हो जाते हैं और काम करना मुश्किल हो रहा है। वहीं चांदपुर निवासी राम सिंह, जो रेहड़ी पर सब्जी बेचते हैं, ने कहा कि कोहरे और कड़ाके की ठंड के कारण ग्राहक कम निकल रहे हैं, जिससे रोज़ की कमाई प्रभावित हो रही है।
अलाव बने राहत का सहारा
शीतलहर के बीच राहगीरों और जरूरतमंदों के लिए जगह-जगह जल रहे अलाव ही सबसे बड़ा सहारा बने हुए हैं। लोग सुबह और शाम अलाव के आसपास जुटकर ठंड से राहत पाने की कोशिश करते नजर आए।






