गंगा की बाढ़ से स्थायी राहत की मांग तेज : वमियारी में तटबंध निर्माण को लेकर किसानों की रणनीतिक बैठक
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संवाद 24 संवाददाता। जनपद फर्रुखाबाद में हर वर्ष गंगा की बाढ़ से हो रही तबाही के बीच अब स्थायी समाधान की मांग संगठित रूप लेती दिख रही है। इसी क्रम में राजेपुर ब्लॉक के वमियारी गांव में गुरुवार दोपहर 2:30 बजे तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसानों और ग्रामीणों की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य एजेंडा गंगा नदी के दोनों किनारों पर तटबंध निर्माण की मांग को लेकर आगामी आंदोलनात्मक रणनीति तय करना रहा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि फर्रुखाबाद का बड़ा भू-भाग हर साल गंगा की बाढ़ और कटान से प्रभावित होता है। बाढ़ के कारण न सिर्फ गांव-के-गांव डूब क्षेत्र में चले जाते हैं, बल्कि लाखों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि रेत से पट जाती है, जिससे किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ता है। इसके साथ ही प्रतिवर्ष जनहानि और पशुधन क्षति की घटनाएं भी सामने आती हैं।
किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि अस्थायी राहत कार्यों से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। गंगा के दोनों किनारों पर मजबूत और वैज्ञानिक तरीके से तटबंध बनाए बिना बाढ़ और कटान से स्थायी सुरक्षा संभव नहीं है। बैठक में इस मुद्दे को लेकर जनआंदोलन को और व्यापक बनाने पर सहमति बनी।
बैठक को संबोधित करते हुए फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भइयन मिश्रा ने कहा कि तटबंध निर्माण की मांग को अब गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा, ताकि शासन-प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों और ग्रामीणों से इस आंदोलन से जुड़ने की अपील की।
बैठक में भइयन मिश्रा, सुभाष अग्रवाल, नारायण अग्रवाल, कोमल पांडे, अनूप अग्निहोत्री, विष्णु मिश्रा, राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष राजीव प्रताप सिंह, उदित मिश्रा, शीशपाल सिंह, कप्तान सिंह, सत्येंद्र कुमार सोमवंशी, उमाशंकर मिश्रा, विकास अग्निहोत्री और अनिल बाजपेई सहित बड़ी संख्या में किसान एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही तटबंध निर्माण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया






