फर्रुखाबाद में गंगा तटबंध की मांग और तेज : जन संघर्ष समिति की बैठक में संत समाज की भी एंट्री, स्थायी समाधान का संकल्प
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संवाद 24 संवाददाता। फर्रुखाबाद में गंगा नदी के किनारे तटबंध निर्माण की मांग को लेकर जन संघर्ष समिति की गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में राजेपुर ब्लॉक के ग्राम बर्राखेड़ा में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ संत समाज के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
बैठक में मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि गंगा के दोनों किनारों पर तटबंध बनना क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी है। हर साल आने वाली बाढ़ से खेत, घर और आजीविका बर्बाद हो जाती है, जिससे स्थायी समाधान के रूप में तटबंध ही एकमात्र रास्ता है।
तटबंध जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने कहा कि तटबंध पूरे इलाके के लिए “जीवनरेखा” साबित होगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ से होने वाले नुकसान की भरपाई हर साल संभव नहीं होती, इसलिए अब स्थायी समाधान के लिए सामूहिक संघर्ष जरूरी है।
संत समिति के अध्यक्ष और जूना अखाड़ा के महंत सत्यगिरी महाराज ने कहा कि संत समाज क्षेत्रवासियों के दुख-दर्द से जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गंगा मैया के दोनों तटों पर तटबंध बनने से ही लोगों की पीड़ा दूर होगी और इस मांग में पूरा संत समाज साथ खड़ा है।

राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे उर्फ अंगद ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों का हर साल उजड़ना और फिर बसना एक स्थायी त्रासदी बन चुका है। वहीं, उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राजीव प्रताप सिंह उर्फ टिल्लू ने प्रशासन से इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान निकालने की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता बर्राखेड़ा के प्रधान पति वीरेंद्र कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर अखिलेश तिवारी, पूर्व प्रधान योगेंद्र प्रसाद त्रिवेदी, अनूप प्रधान बदनपुर, सोनेलाल राजपूत, प्रदीप शुक्ला, राम बिहारी वाजपेई, संजीव अग्निहोत्री, विनोद सिंह, राजीव वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण तटबंध निर्माण के समर्थन में मौजूद रहे।






