सातनपुर आलू मंडी में कीमतों की बड़ी गिरावट, किसानों की चिंता बढ़ी: 100 ट्रक आवक के बीच आधे से भी कम दाम पर बिक रहा आलू

संवाद 24 विशेष रिपोर्ट फ़र्रूख़ाबाद। एशिया की सबसे बड़ी सातनपुर आलू मंडी में इस समय आलू के दाम किसानों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। मंगलवार को मंडी में करीब 100 ट्रक आलू की बंपर आवक दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद बाजार भाव बेहद कमजोर बने हुए हैं। बीते वर्ष इसी समय जो आलू 900 से 1000 रुपये प्रति पैकेट बिक रहा था, वही इस साल 281 से 425 रुपये प्रति पैकेट के दायरे में सिमट गया है।

कादरीगेट थाना क्षेत्र स्थित सातनपुर आलू मंडी में सामान्य क्वालिटी का आलू 300 से 400 रुपये और बेहतर गुणवत्ता वाला आलू अधिकतम 425 रुपये प्रति पैकेट तक ही बिक सका। लगातार बढ़ती आवक के चलते बीते दो दिनों में ही आलू के भाव में करीब 25 रुपये प्रति पैकेट की और गिरावट दर्ज की गई है।

किसानों को नहीं मिल रहा लागत का दाम

मंडी में मौजूद आढ़तियों का कहना है कि आलू के दाम पहले ही काफी नीचे आ चुके हैं, ऐसे में किसानों को उनकी मेहनत के अनुरूप मूल्य नहीं मिल पा रहा। आलू आढ़ती सुधीर वर्मा के अनुसार, “मंडी में मंगलवार को 100 ट्रक आलू आया। भाव 281 से 425 रुपये पैकेट तक रहा। आलू इतना सस्ता हो चुका है कि किसानों को खास फायदा नहीं मिल पा रहा।”

इंटर-स्टेट मांग के बावजूद मंदी

हालांकि फर्रुखाबाद मंडी से आलू की सप्लाई बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, असम, गुवाहाटी, गुजरात समेत कई राज्यों में की जा रही है और बिहार-बंगाल के लिए लोडिंग ज्यादा हो रही है, लेकिन भारी आवक के सामने यह मांग कीमतों को सहारा नहीं दे पा रही है।

आढ़ती धनीराम वर्मा ने बताया कि अभी मंडी में छोटे साइज का आलू ज्यादा आ रहा है और आने वाले एक सप्ताह में आवक और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में दामों पर दबाव और गहराने की आशंका जताई जा रही है।

लगातार बढ़ रही आवक

पिछले कुछ दिनों के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं।

शनिवार: 60 ट्रक

रविवार: 60 ट्रक

सोमवार: 80 ट्रक

मंगलवार: 100 ट्रक

जैसे-जैसे मंडी में आवक बढ़ रही है, वैसे-वैसे आलू के दाम गिरते जा रहे हैं।

बीते साल से बिल्कुल उलट हालात

आढ़तियों के मुताबिक, पिछले वर्ष इसी समय आलू 900 रुपये प्रति पैकेट तक बिक रहा था, लेकिन इस बार बाजार में साफ मंदी है। बढ़ती सप्लाई और कमजोर भाव के चलते सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है।

कुल मिलाकर, सातनपुर आलू मंडी में बंपर पैदावार किसानों के लिए राहत बनने की बजाय संकट का कारण बनती दिख रही है। यदि आने वाले दिनों में कीमतों में सुधार नहीं हुआ, तो किसानों की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

Samvad 24 Office
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