फर्रुखाबाद के निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत: गलत इंजेक्शन देने का आरोप, हंगामे के बाद स्टाफ फरार; पुलिस जांच शुरू
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संवाद 24 | फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद 25 वर्षीय प्रसूता निशा राठौर की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया, जिसके बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। विवाद बढ़ता देख अस्पताल का पूरा स्टाफ और संचालक मौके से फरार हो गए। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

निशा राठौर, मूल रूप से फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम निनौंआ की रहने वाली थीं। डेढ़ वर्ष पहले उनकी शादी भाऊटोला निवासी अंकित राठौर से हुई थी। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर निशा को रविवार को आशा की मदद से जसमई दरवाजे स्थित लखदातार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात करीब 3 बजे ऑपरेशन के जरिए निशा ने एक बच्चे (बालक) को जन्म दिया।
अंकित का आरोप है कि मंगलवार सुबह करीब 7 बजे डॉक्टर ने निशा को एक इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ गई। अस्पताल ने जल्दबाजी में उन्हें रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर बढ़पुर स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृत्यु की खबर मिलते ही परिजन भड़क गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पर थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह और चौकी प्रभारी अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे। मृतका के पति की तहरीर पर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अस्पताल संचालकों और स्टाफ की तलाश की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।






