अब सरकारी योजनाओं में ‘जन्मतिथि’ का सबूत नहीं माना जाएगा आधार कार्ड; 1 लाख से ज्यादा पेंशन धारकों की बढ़ी चिंता
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फर्रुखाबाद | संवाद 24 न्यूज़
सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे लोगों के लिए एक बुरी खबर है। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब आधार कार्ड (Aadhaar Card) को जन्मतिथि (Date of Birth) के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के पत्र का हवाला देते हुए कहा है कि आधार कार्ड केवल पहचान और सत्यापन के लिए मान्य है, यह जन्मतिथि प्रमाणित करने वाला दस्तावेज नहीं है।
फर्रुखाबाद के 1 लाख से अधिक लाभार्थियों पर संकट
इस नए नियम ने फर्रुखाबाद जिले के एक लाख से ज्यादा लाभार्थियों की चिंता बढ़ा दी है। नियोजन विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि आधार में दर्ज जन्मतिथि किसी भी दस्तावेज के आधार पर नहीं होती, इसलिए इसे प्रमाण न माना जाए।
अब ये दस्तावेज होंगे मान्य: जन्मतिथि साबित करने के लिए अब लाभार्थियों को पारंपरिक दस्तावेज देने होंगे:
- जन्म प्रमाण पत्र
- हाईस्कूल का प्रमाण पत्र (मार्कशीट)
- नगर निकाय या स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी प्रमाण पत्र
किस पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर? जिले में मौजूदा समय में कई योजनाओं का लाभ आधार के जरिए ही मिल रहा था। अब नए नियमों से इनकी पात्रता जांच और नवीनीकरण प्रभावित हो सकता है:
- वृद्धा पेंशन: लगभग 52,000 लाभार्थी।
- विधवा पेंशन: 40,100 लाभार्थी।
- दिव्यांग पेंशन: 18,813 लाभार्थी।
- आंगनबाड़ी: लगभग डेढ़ लाख बच्चों को आधार सत्यापन से ही पुष्टाहार मिलता है।
लाभार्थियों के सामने बड़ी चुनौती समस्या यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लाभार्थियों के पास जन्म प्रमाण पत्र या हाईस्कूल की मार्कशीट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में दोबारा नए दस्तावेज उपलब्ध कराना उनके लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा।
अधिकारी का क्या है कहना? जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चंद्रा ने बताया कि अभी शासन से इस संबंध में कोई विस्तृत दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। इसलिए यह कहना मुश्किल है कि पुराने आवेदनों का क्या होगा और नए आवेदनों में जन्मतिथि सत्यापन कैसे किया जाएगा। शासन के आदेशों के अनुसार ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।






