242 किमी रेलमार्ग के दोहरीकरण की दिशा में बड़ा कदम, डीपीआर के लिए मंजूर हुए 5.82 करोड़ रुपये
Share your love

संवाद 24 (डेस्क)। रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। उत्तर रेलवे के अधीन आने वाली कासगंज–फर्रुखाबाद–अनवरगंज रेलखंड के दोहरीकरण (Doubling) कार्य के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की औपचारिक मंजूरी मिल गई है। साथ ही, 242.84 किलोमीटर लंबी इस रेललाइन की डीपीआर तैयार करने में खर्च होने वाले 5.82 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है।
यात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ – इस परियोजना के पूर्ण होने पर इस मार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों की रफ्तार और क्षमता दोनों में इजाफा होगा। वर्तमान में यह रेललाइन सिंगल ट्रैक पर संचालित है, जिसके चलते ट्रेनों के संचालन में देरी और क्रॉसिंग संबंधी दिक्कतें बनी रहती हैं। दोहरीकरण के बाद ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारू और समयबद्ध होगा।
क्षेत्रीय विकास को नई गति – कासगंज, फर्रुखाबाद और कानपुर (अनवरगंज) के बीच यह रेललाइन व्यापारिक, शैक्षणिक और कृषि दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। दोहरीकरण से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों दोनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
डीपीआर तैयार होने के बाद अगला चरण – रेल मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना की तकनीकी स्वीकृति और बजट आवंटन का कार्य शुरू किया जाएगा। रिपोर्ट तैयार होने में लगभग 6 से 9 महीने का समय लगने का अनुमान है। इसके बाद निर्माण कार्य की निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों ने जताई खुशी – स्थानीय सांसद और जनप्रतिनिधियों ने इस स्वीकृति को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि यह रेललाइन सिर्फ यात्रा का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक समृद्धि और विकास की धुरी साबित होगी।
???? संक्षेप में:
1. 242.84 किमी लंबी कासगंज–फर्रुखाबाद–अनवरगंज रेललाइन का दोहरीकरण।
2. डीपीआर तैयार करने के लिए 5.82 करोड़ रुपये की मंजूरी।
3. ट्रेनों की रफ्तार और क्षमता में होगा इजाफा।
4. क्षेत्रीय विकास और औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी नई गति।
5. डीपीआर के बाद तकनीकी स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू होगा।






