भैंस चोरी के शक से शुरू हुआ विवाद, एक युवक की गई जान
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फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के उलियापुर गांव में भैंस चोरी के शक से शुरू हुआ विवाद रविवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। बाईपास स्थित मेहंदियावाली मजार के पास दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में बांकेलाल नामक युवक की मौत हो गई, जबकि राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव फैल गया और पुलिस प्रशासन को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।
CCTV फुटेज से गोदाम तक पहुंचे, पहले से मौजूद थे आरोपी
जानकारी के मुताबिक 9 अप्रैल को राजकुमार की भैंस चोरी हो गई थी। चोरी की घटना के बाद परिजन सीसीटीवी फुटेज खंगालते हुए जोरा रोड स्थित एक तंबाकू गोदाम तक पहुंचे। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद पुष्पेंद्र, करण और उनके साथियों ने बांकेलाल व राजकुमार पर हमला कर दिया। राजकुमार किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकला, लेकिन बांकेलाल को गोदाम में बंद कर बेरहमी से पीटा गया। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
हत्या के मुकदमे में 13 आरोपी, सात सगे भाई भी शामिल
मृतक बांकेलाल के भाई इंदल की तहरीर पर पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों में सात सगे भाई भी शामिल हैं, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू कर दी है और कई टीमों को लगाया गया है।
अंतिम संस्कार से इनकार, गांव में बढ़ा तनाव
पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही बांकेलाल का शव गांव पहुंचा, परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस दौरान गांव में भारी तनाव की स्थिति बन गई और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। कम्पिल, शमशाबाद, मेरापुर और कायमगंज थानों का फोर्स गांव में तैनात किया गया।
एएसपी के आश्वासन के बाद माने परिजन
स्थिति को बिगड़ता देख अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर जल्द कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ और शव को कुंडा घाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।
सात बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
बांकेलाल की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के परिवार में दो पत्नियां और सात बच्चे हैं। पहली पत्नी रमा से एक बेटी और तीन बेटे हैं, जबकि दूसरी पत्नी पूजा से तीन बेटियां हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और बच्चे पिता की मौत से बेसहारा हो गए हैं।






