फर्रुखाबाद में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ बढ़ा विरोध, पटेल पार्क में जुटे उपभोक्ता
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फर्रुखाबाद में बिजली विभाग की ओर से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के खिलाफ विरोध तेज होता नजर आ रहा है। रविवार शाम शहर के पटेल पार्क में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए, जहां स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। बैठक का आयोजन फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने सोशल मीडिया के माध्यम से किया था। सोशल मीडिया पर जारी संदेश में लोगों से स्मार्ट मीटरों के विरोध में एकजुट होने की अपील की गई थी।
“बिल कभी ज्यादा, कभी कम”, उपभोक्ताओं ने गिनाईं परेशानियां
बैठक में पहुंचे उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। लोगों का कहना था कि कई बार बिल असामान्य रूप से अधिक आ जाता है, जबकि कभी बहुत कम दिखता है। कुछ लोगों ने यह भी शिकायत की कि बिजली का रिचार्ज कराने के बावजूद सप्लाई बंद कर दी जाती है, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।
उपभोक्ताओं के अनुसार, कभी एक दिन का बिजली खर्च 20 से 25 रुपये दिखता है, जबकि कुछ दिन बाद अचानक 150 से 200 रुपये तक की कटौती दिखाई देने लगती है। लोगों ने इसे बड़ी तकनीकी गड़बड़ी बताते हुए इसकी जांच की मांग की।
“जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर”, विकास मंच का आरोप
बैठक को संबोधित करते हुए भईयन मिश्रा ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की सहमति के बिना जबरन लगाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार की गाइडलाइन और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार स्मार्ट मीटर केवल उन्हीं उपभोक्ताओं के यहां लगाए जाने चाहिए, जो स्वेच्छा से इसके लिए तैयार हों। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में लोगों पर दबाव बनाकर मीटर लगा रहे हैं।
यूपी के कई शहरों में भी स्मार्ट मीटरों को लेकर विरोध
फर्रुखाबाद ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी स्मार्ट मीटरों को लेकर विरोध की घटनाएं सामने आ रही हैं। हाल ही में मेरठ में भी स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची टीम का विरोध हुआ था, जहां लोगों ने बढ़े हुए बिजली बिल और मीटर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। इससे साफ है कि स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में अविश्वास बढ़ता जा रहा है और बिजली विभाग के सामने पारदर्शिता बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो रही है।
आगे आंदोलन की रणनीति पर चर्चा
पटेल पार्क में हुई बैठक में आगे की रणनीति पर भी विचार किया गया। लोगों ने कहा कि यदि उनकी शिकायतों का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। बैठक में महेश अग्निहोत्री, कोमल पांडेय, जितेंद्र, प्रशांत समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।






