फर्रुखाबाद में ईस्टर पर गूंजा पुनरुत्थान का संदेश, बढ़पुर चर्च से निकला विजय जुलूस

फर्रुखाबाद के सीएनआई बढ़पुर चर्च में रविवार को ईस्टर का पावन पर्व श्रद्धा, उल्लास और आस्था के साथ मनाया गया। प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान की खुशी में मसीही समाज ने तड़के सुबह विजय जुलूस निकाला और पूरे क्षेत्र में ‘प्रभु जीवित हैं’ का संदेश दिया। ईस्टर को मसीही समाज में प्रभु यीशु के मृत्यु पर विजय प्राप्त कर तीसरे दिन पुनर्जीवित होने की स्मृति के रूप में मनाया जाता है। बाइबल में वर्णित है, “वह यहाँ नहीं है, परन्तु जी उठा है।”

सुबह 4 बजे कैंडल लेकर निकली प्रभात फेरी

ईस्टर रविवार पर सुबह करीब 4 बजे मसीही समाज के लोग नेकपुर स्थित प्राइमरी स्कूल के पास एकत्र हुए। सभी श्रद्धालुओं के हाथों में जलती हुई कैंडल थीं। इसके बाद मसीही भजनों, स्तुतिगान और प्रार्थनाओं के साथ प्रभात फेरी निकाली गई। जुलूस नेकपुर प्राइमरी स्कूल से शुरू होकर आवास विकास और वन विभाग मार्ग से गुजरते हुए पुनः बढ़पुर चर्च परिसर पहुंचा।

चर्च परिसर में पहुंचने के बाद विश्वासियों ने क्रूस के पास कैंडल जलाकर प्रभु यीशु के पुनरुत्थान की गवाही दी और विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की। फर्रुखाबाद के बढ़पुर चर्च में ईस्टर के अवसर पर विजय जुलूस और विशेष आराधना सभा आयोजित होने की जानकारी स्थानीय सोशल मीडिया पोस्टों में भी साझा की गई।

“मृत्यु अंत नहीं, अनंत जीवन की शुरुआत है”

चर्च परिसर में आयोजित विशेष ईस्टर आराधना सभा में पादरी मनोज कुमार ने वचन साझा करते हुए कहा कि प्रभु यीशु मसीह का पुनरुत्थान यह सिखाता है कि मृत्यु अंत नहीं, बल्कि अनंत जीवन की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि परमेश्वर ने अपने पुत्र को मृतकों में से जिलाकर मनुष्य को अपने साथ मेल-मिलाप का मार्ग दिया।

पादरी ने कहा कि पुनरुत्थान हर विश्वास करने वाले के लिए नई आशा, नया जीवन और उद्धार का प्रमाण है। ईस्टर का मुख्य संदेश यही है कि यीशु मसीह ने मृत्यु और पाप पर विजय प्राप्त कर मानवता को जीवन और आशा का संदेश दिया। ईसाई धर्म में पुनरुत्थान को विश्वास की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला माना जाता है।

प्रभु भोज, अंडों का वितरण और आतिशबाजी

आराधना सभा के दौरान प्रभु भोज भी दिया गया और विश्वासियों ने सामूहिक रूप से प्रभु की स्तुति व आराधना की। सभा के समापन पर ईस्टर के प्रतीक स्वरूप श्रद्धालुओं को अंडे वितरित किए गए। इसके बाद चर्च परिसर में आतिशबाजी कर पुनरुत्थान की खुशी व्यक्त की गई।

मसीही समाज के लोगों ने एक स्वर में कहा कि प्रभु यीशु मसीह जीवित हैं और उनका पुनरुत्थान संपूर्ण संसार के लिए जीवन, प्रेम और आशा का संदेश है। पादरी ने सभी को ईस्टर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुड फ्राइडे को सूली पर चढ़ाए गए प्रभु यीशु तीसरे दिन जी उठे और आज भी जीवित हैं।

Anuj Singh
Anuj Singh

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