फर्रुखाबाद में निषादराज जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा, काली अखाड़ा के करतब बने आकर्षण का केंद्र
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फर्रुखाबाद में रविवार को निषादराज जयंती के अवसर पर कश्यप निषाद शोभायात्रा समिति की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कार्यक्रम की शुरुआत हवन-पूजन के साथ हुई, जिसके बाद पटेल पार्क से शोभायात्रा रवाना हुई। इस दौरान समाज के लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए।
डीजे की धुनों पर झूमे युवा, झांकियों ने खींचा ध्यान
शोभायात्रा में सबसे आगे डीजे की धुनों पर युवा नाचते-गाते नजर आए, जबकि महिलाएं हाथों में समाज के झंडे लिए चल रही थीं। यात्रा में निषादराज और महर्षि कश्यप की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं, जिन्होंने लोगों का ध्यान खींचा। काली अखाड़ा के कलाकारों ने रास्ते भर तलवारबाजी, लाठी और अन्य पारंपरिक करतब दिखाकर माहौल को रोमांचक बना दिया। बड़ी संख्या में लोग पैदल और बाइक से यात्रा में शामिल हुए।
समाज को एकजुट करने का संदेश, दूर-दराज से पहुंचे लोग
समिति के जिलाध्यक्ष ने बताया कि शोभायात्रा का उद्देश्य समाज को एकजुट रखना और नई पीढ़ी को अपने इतिहास व परंपराओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन की तैयारियां काफी समय से चल रही थीं और दूर-दराज से भी समाज के लोग कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। फर्रुखाबाद विकास मंच के भईयन मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग भी यात्रा में मौजूद रहे।
पटेल पार्क से शीतला माता मंदिर तक निकली यात्रा
यह शोभायात्रा पटेल पार्क से शुरू होकर लाल दरवाजा, चौक और अन्य प्रमुख मार्गों से होती हुई बढ़पुर स्थित शीतला माता मंदिर पहुंची, जहां समापन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। यात्रा मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहा।
हर वर्ष निकाली जाती है शोभायात्रा
महर्षि ऋषि कश्यप और गुह राज निषाद महाराज की जयंती के उपलक्ष्य में यह शोभायात्रा हर वर्ष निकाली जाती है। समाज के लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से सामाजिक एकता मजबूत होती है और नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास की जानकारी मिलती है। फर्रुखाबाद में इस बार भी निषादराज जयंती पर निकली शोभायात्रा ने धार्मिक आस्था, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक परंपरा की मिसाल पेश की।






