अदालत की सख्ती: फर्रुखाबाद के शहर कोतवाल को 7 दिन की जेल, गैर-जमानती वारंट जारी
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फर्रुखाबाद में न्यायालय के आदेशों की अनदेखी शहर कोतवाली प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी पर भारी पड़ गई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें न्यायालय के आदेशों का पालन न करने का दोषी मानते हुए सात दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया है और पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि 6 अप्रैल तक उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाए।
सात मामलों में वारंट तामील नहीं कराने पर हुई कार्रवाई
मामला थाना कोतवाली फर्रुखाबाद में दर्ज सात अलग-अलग मुकदमों से जुड़ा है। इनमें जानलेवा हमला, गोवध अधिनियम, धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं। इन मामलों में अदालत ने आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और धारा 82/83 के तहत कुर्की एवं नोटिस की कार्रवाई के आदेश दिए थे। इन आदेशों का पालन कर रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करना शहर कोतवाल की जिम्मेदारी थी, लेकिन लंबे समय तक वारंट तामील नहीं कराए गए और न ही कोई आख्या अदालत में दाखिल की गई।
नोटिस के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुए कोतवाल
अदालत ने पहले 1 अप्रैल को दर्शन सिंह सोलंकी को नोटिस जारी कर 3 अप्रैल को उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया था। इसके बावजूद वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए। बाद में बीएनएसएस की धारा 388 के तहत पुनः नोटिस जारी कर उन्हें 3 अप्रैल दोपहर 3:30 बजे तक अंतिम अवसर दिया गया। न्यायालय की ओर से नोटिस व्हाट्सएप और फोन कॉल के माध्यम से भी भेजा गया, लेकिन फिर भी कोतवाल अदालत में पेश नहीं हुए।
अदालत ने कहा- न्यायिक आदेशों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में कहा कि न्यायिक आदेशों का पालन कराना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कानूनी जिम्मेदारी है। अदालत ने माना कि बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद आदेशों की अनदेखी लोकसेवक के कर्तव्यों के विपरीत है। इसी आधार पर अदालत ने दर्शन सिंह सोलंकी को दोषी मानते हुए अधिकतम सात दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
एसपी को गिरफ्तारी और पेशी सुनिश्चित करने का आदेश
अदालत ने फर्रुखाबाद पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि जारी गैर-जमानती वारंट का तत्काल पालन कराया जाए और शहर कोतवाल को गिरफ्तार कर 6 अप्रैल 2026 तक अदालत में पेश किया जाए। मामले के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार ने कहा है कि न्यायालय के आदेश का पूर्ण पालन कराया जाएगा।






