स्मार्ट हुईं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, फर्रुखाबाद में बांटे गए 239 स्मार्टफोन
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फर्रुखाबाद कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र तथा स्मार्टफोन वितरित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने की, जबकि अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य और भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर भी मौजूद रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री स्तर से आयोजित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया।
483 चयनित महिलाओं को मिला नियुक्ति पत्र
जनपद स्तर पर चयनित 7 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और 476 सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। अधिकारियों ने बताया कि इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विकास सेवाओं को और मजबूत किया जा सकेगा। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने चयनित महिलाओं को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का संदेश दिया।
पोषण ट्रैकर ऐप से होगी बच्चों की निगरानी
पूर्व से कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और मुख्य सेविकाओं को कुल 239 स्मार्टफोन वितरित किए गए। इन स्मार्टफोन का उपयोग पोषण ट्रैकर ऐप पर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं से जुड़ा डेटा अपलोड करने में किया जाएगा। इससे लाभार्थियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी। प्रदेश सरकार पहले भी राज्यभर की हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन देकर डिजिटल प्रणाली से जोड़ चुकी है।
नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर जोर
कार्यक्रम के दौरान वित्तीय वर्ष 2024-25 में निर्मित 14 आंगनबाड़ी केंद्रों का मुख्यमंत्री स्तर से लोकार्पण किया गया। वहीं, बाल विकास परियोजना बढ़पुर के ग्राम जसमई में नए आंगनबाड़ी केंद्र भवन का शिलान्यास भी किया गया। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 तक राज्य पोषित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
₹30 लाख से अधिक लागत में बनेंगे केंद्र भवन
लोक निर्माण विभाग को आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण की कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। प्रत्येक भवन की अनुमानित लागत 30.22 लाख रुपये तय की गई है। निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के लिए पहली किश्त के रूप में 10.14 लाख रुपये से अधिक की धनराशि भी जारी कर दी गई है। प्रशासन का दावा है कि नए भवन बनने से बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।






