तमंचे से टैबलेट तक: फर्रुखाबाद दौरे में प्रभारी मंत्री का संदेश विकास, जवाबदेही और जमीनी हकीकत पर फोकस

फर्रुखाबाद, संवाददाता। प्रदेश सरकार के नौ वर्ष पूरे होने के परिप्रेक्ष्य में फर्रुखाबाद पहुंचे प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह का दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें प्रशासनिक समीक्षा, जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद और स्थानीय मुद्दों पर स्पष्ट रुख देखने को मिला। ऑफिसर्स क्लब में आयोजित प्रदर्शनी के अवलोकन के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रगति का आकलन करते हुए लंबित परियोजनाओं पर जवाबदेही तय करने के संकेत दिए। यह दौरा सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ प्रशासनिक सक्रियता का संदेश देने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति पर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कागजी प्रगति पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभाव दिखना चाहिए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रेस वार्ता में मंत्री का एक बयान विशेष रूप से चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि “पहले बच्चों के हाथ में तमंचा होता था, अब उनके हाथ में टैबलेट और स्मार्टफोन है।” इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सामाजिक बदलाव का संकेत देने की कोशिश की। साथ ही उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में असुरक्षा और पलायन का माहौल था, जबकि अब निवेश, रोजगार और सुरक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन आया है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश को “बीमारू राज्य” की छवि से बाहर निकलकर विकास की दिशा में अग्रसर बताया। मंत्री के अनुसार, राज्य में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है और उद्योगपति अब इसे नए अवसरों के केंद्र के रूप में देख रहे हैं। यह बयान प्रदेश सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें पिछले नौ वर्षों को बुनियादी ढांचे, निवेश और प्रशासनिक सुधारों के स्वर्णिम काल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर उठ रहे संवेदनशील मुद्दों पर भी मंत्री ने स्पष्ट रुख अपनाया। भ्रूण के शव मिलने की घटना पर उन्होंने कहा कि भ्रूण हत्या पूर्णतः प्रतिबंधित है और ऐसी घटनाओं में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं कम्पिल नगर पंचायत में कथित भ्रष्टाचार के मामले में उन्होंने कहा कि यदि सभासद लिखित शिकायत और प्रमाण प्रस्तुत करते हैं तो निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

मनरेगा में गड़बड़ी, सड़क निर्माण की गुणवत्ता और अन्य शिकायतों पर भी मंत्री ने अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार स्थानीय स्तर पर उठने वाले मुद्दों को नजरअंदाज करने के बजाय उन्हें गंभीरता से लेने का संदेश देना चाहती है।

कृषि से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए मंत्री ने आलू के गिरते दामों को बाजार की स्वाभाविक प्रक्रिया बताया। उन्होंने किसानों को शीतगृह भंडारण अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि दिसंबर तक भंडारण की सुविधा उपलब्ध रहती है, जिससे किसान उचित मूल्य मिलने तक इंतजार कर सकते हैं। हालांकि, क्षेत्र में किसानों की चिंता अब भी बनी हुई है और यह मुद्दा प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।

लोहिया अस्पताल में बन रहे ट्रॉमा सेंटर की धीमी प्रगति पर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 31 मार्च के बाद जिलाधिकारी स्वयं परियोजना की समीक्षा करेंगे और यह देखा जाएगा कि निर्माण कार्य समय पर पूरा क्यों नहीं हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि देरी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई तय है। इसके अलावा बस स्टैंड पर स्थापित महाराणा प्रताप की मूर्ति के लोकार्पण को अप्रैल में कराने की बात भी कही गई।

फायर सुरक्षा मानकों पर भी मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। मैरिज हॉल और अस्पतालों में फायर एनओसी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह अनिवार्य है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह बयान हाल के वर्षों में बढ़ती अग्निकांड घटनाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान “नव निर्माण के 9 वर्ष” शीर्षक से सरकार की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया। साथ ही सेवा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में विजेताओं को सम्मानित किया गया। चित्रकला प्रतियोगिता के विभिन्न वर्गों में विजेताओं को 51 हजार, 21 हजार और 11 हजार रुपये के पुरस्कार दिए गए, जबकि कबड्डी प्रतियोगिता के विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान की गई।

अपने संबोधन में मंत्री ने दावा किया कि सरकार ने बिना भेदभाव समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। उन्होंने मुफ्त राशन, रोजगार, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण योजनाओं की पहुंच को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। साथ ही युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार मिलने और प्रदेश में माफिया राज समाप्त होने का भी दावा किया।

कार्यक्रम में सांसद मुकेश राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव, विधायक नागेंद्र सिंह राठौर, विधायक डॉ. सुरभि, जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कुल मिलाकर, फर्रुखाबाद का यह दौरा केवल उपलब्धियों के प्रचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें प्रशासनिक जवाबदेही, स्थानीय समस्याओं के समाधान और विकास के दावों को मजबूती से प्रस्तुत करने का प्रयास भी स्पष्ट रूप से नजर आया।

Anuj Singh
Anuj Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News