सातनपुर मंडी में आलू के दाम धड़ाम: ₹100 तक गिरा भाव, घंटों जाम में फंसे किसान लौटे मायूस
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सातनपुर मंडी में सोमवार (9 मार्च 2026) को आलू की भारी आवक के कारण बाजार का संतुलन बिगड़ता दिखाई दिया। सुबह के मुकाबले दोपहर बाद मांग कमजोर पड़ते ही कीमतों में करीब ₹100 प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई। मंडी में आलू का भाव घटकर लगभग ₹201 से ₹451 प्रति क्विंटल के बीच सिमट गया, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई। किसानों का कहना है कि मौजूदा कीमतें उत्पादन लागत के मुकाबले काफी कम हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है।
सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से लगा जाम, घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिले सही दाम
फर्रुखाबाद की इस प्रमुख मंडी में सोमवार को सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पहुंचने से सातनपुर रोड और मंडी परिसर के अंदर भीषण जाम की स्थिति बन गई। कई किसान घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन जब अपेक्षित दाम नहीं मिले तो कई लोग अपनी फसल वापस गांव ले जाने को मजबूर हो गए। इससे मंडी व्यवस्था और बाजार की स्थिति को लेकर किसानों में नाराजगी भी देखने को मिली।
कोल्ड स्टोरेज में रखने को लेकर भी असमंजस
मंडी में गिरते दामों के बीच किसानों के सामने आलू को शीतगृह में रखने या तुरंत बेचने की दुविधा भी बनी हुई है। पिछले साल कई किसानों को स्टोरेज के बाद भी नुकसान झेलना पड़ा था, इसलिए इस बार वे जोखिम लेने से बच रहे हैं। हालांकि कोल्ड स्टोरेज संचालक किसानों को आकर्षित करने के लिए ₹100 प्रति पैकेट लोन, बारदाना और अन्य सुविधाओं जैसे प्रस्ताव दे रहे हैं, लेकिन बाजार की अनिश्चितता के कारण किसान अभी निर्णय लेने में हिचकिचा रहे हैं।
मंदी के संकेत, किसानों की बढ़ी चिंता
व्यापारियों का मानना है कि इस समय आवक ज्यादा और मांग सीमित होने के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है। यदि यही स्थिति जारी रही तो आने वाले दिनों में आलू के दामों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर किसान उम्मीद कर रहे हैं कि मांग बढ़ने या निर्यात में तेजी आने से बाजार में सुधार हो सकेगा। फिलहाल मंडी की मौजूदा स्थिति इस सीजन में संभावित मंदी की ओर संकेत कर रही है, जिससे आलू उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है।






