शादी से पहले मौत का रहस्य: कायमगंज में रेलवे ट्रैक पर मिला युवती का क्षत-विक्षत शव
Share your love

कासगंज–फर्रुखाबाद रेलवे मार्ग पर सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब रेलवे ट्रैक पर एक 18 वर्षीय युवती का क्षत-विक्षत शव मिला। घटना कंपिल थाना क्षेत्र के कादर दादपुर सराय गांव के पास की है। मृतका की पहचान गांव निवासी संजीव की पुत्री रेशमा के रूप में हुई है। युवती की दर्दनाक मौत की खबर फैलते ही गांव और आसपास के इलाके में शोक और दहशत का माहौल बन गया।
गैंगमैन की नजर पड़ते ही खुला मामला
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 7:15 बजे रेलवे गैंगमैन रामबरन ट्रैक की निगरानी करते हुए गुजर रहे थे। इसी दौरान पोल संख्या 172/15 के पास उन्हें रेलवे लाइन पर एक क्षत-विक्षत शव दिखाई दिया। उन्होंने तत्काल स्टेशन अधीक्षक चक्रपाणि को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को ट्रैक से हटाकर जांच शुरू की।
रात से लापता थी युवती
परिजनों के मुताबिक रेशमा रविवार रात करीब 11 बजे के बाद से घर से लापता थी। मृतका की मां सोनी ने बताया कि रात में किसी व्यक्ति से उसकी फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद वह शौच जाने की बात कहकर घर से बाहर निकली, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी। सुबह रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना से परिवार में कोहराम मच गया।
मार्च में तय थी शादी, परिवार में पसरा मातम
परिवार के लोगों ने बताया कि रेशमा की शादी मार्च महीने में तय हो चुकी थी और घर में तैयारियां चल रही थीं। शादी से कुछ ही दिन पहले इस तरह की घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। ग्रामीणों की भी बड़ी संख्या घटनास्थल पर जुट गई और मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं।
पुलिस ने शुरू की जांच, आत्महत्या की आशंका
सूचना मिलने पर कंपिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। दरोगा दिनेश कुमार के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन की चपेट में आने से आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और युवती के फोन कॉल व अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
रेलवे ट्रैक पर हादसों के मामले पहले भी सामने आते रहे
रेलवे ट्रैक से जुड़े हादसों के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। कई घटनाओं में लोग ट्रैक पार करते समय या अन्य कारणों से ट्रेन की चपेट में आ जाते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं हो जाती हैं। ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर पोस्टमार्टम और तकनीकी जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट कर पाती है।






