चारे के संकट में गोवंश: लाखों के बजट के बावजूद सरकारी गौशालाओं की बदहाली उजागर

संवाद 24 (डेस्क), फर्रुखाबाद।
जनपद की 28 गौशालाओं में करीब 8,397 गोवंशों की देखभाल के लिए सरकार हर महीने लगभग 1.26 करोड़ रुपए जारी कर रही है। इसके बावजूद कई गौशालाओं में चारे की भारी कमी बनी हुई है। बदहाली की स्थिति यह है कि कई स्थानों पर गोवंश भूसे और पानी के सहारे ही दिन गुजार रहे हैं।

गौवंश संरक्षण के नाम पर ग्राम प्रधान और सचिवों की उदासीनता का यह हाल तब है, जब सरकार ने प्रति गोवंश प्रतिदिन 50 रुपए तक की व्यवस्था की है। इसके बावजूद व्यवस्था ज़मीनी स्तर पर नहीं दिख रही है।

स्थानीय स्तर पर सामने आई लापरवाही

शमसाबाद क्षेत्र के सुल्तानपुर पटलापुर स्थित गौशाला की स्थिति बेहद खराब पाई गई। यहां गोवंशों के लिए चारा नहीं था, जबकि 150 पशुओं का रिकॉर्ड दिखाया गया था। जांच में पाया गया कि वास्तविक संख्या कम थी, फिर भी बजट पूरा उठाया जा रहा था। इसी तरह मोहम्मदाबाद स्थित कुछ गौशालाओं में गोवंशों को सिर्फ सूखा भूसा दिया जा रहा है।

बाबरगंज क्षेत्र में भी रखरखाव की स्थिति चिंताजनक है। यहां चारा की व्यवस्था में अनियमितता के साथ सफाई और पानी की आपूर्ति की भी कमी नोट की गई है। कई गौवंश कमजोर और बीमार अवस्था में पाए गए।

कागज़ों में व्यवस्थाएं, जमीन पर संकट

सूत्रों के अनुसार, कई गौशालाओं में चारे की खरीद, परिवहन और वितरण में गंभीर अनियमितताएं हैं। पंचायत स्तर पर बजट का बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड में दिखाया जाता है, जबकि वास्तविकता में गोवंशों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा।

बड़ी गौशालाएं और गोवंश संख्या (जनपद में):
स्थानगोवंश संख्या
सुल्तानपुर पटलापुर, कायमगंज998
मऊपुर, शमसाबाद632
साहबगंज, नवाबगंज590
कालिकापुरवा, नवाबगंज540
बरूआ, मोहम्मदाबाद484
बरुआ सुतराम, मोहम्मदाबाद477
प्रशासन ने लिया संज्ञान

जिलाधिकारी ने हाल में कई गौशालाओं का निरीक्षण कर अनियमितताओं को गंभीरता से लिया है। संबंधित ग्राम प्रधानों और सचिवों पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसके साथ ही चारा स्टॉक, पानी की आपूर्ति और सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।


निष्कर्ष:
सरकार की ओर से पर्याप्त बजट और योजनाएं उपलब्ध होने के बावजूद, कई गौशालाओं में व्यवस्थाएं धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं। इससे न केवल गोवंश संरक्षण का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत स्तर पर कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

Samvad 24 Office
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