विरोध की कीमत ज़िंदगी से चुकाई: पांच दिन बाद बुझ गई एक बेटी की सांसें
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संवाद 24 संवाददाता। जिले के कायमगंज क्षेत्र में छेड़छाड़ का विरोध करने पर पेट्रोल डालकर जलाई गई युवती ने पांच दिन तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद लखनऊ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना 24 फरवरी की शाम की है, जबकि युवती की मौत उपचार के दौरान हो गई। मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
परिजनों के मुताबिक वारदात के बाद युवती गंभीर रूप से झुलसी हालत में गांव के पास एक झोपड़ी में मिली थी। उसे तत्काल सैफई स्थित आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पीड़िता के भाई द्वारा 26 फरवरी को कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, एटा जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम झकरई निवासी गोपाल शाक्य लंबे समय से युवती पर फब्तियां कसता था और बाजार आते-जाते समय अश्लील हरकतें करता था। युवती द्वारा विरोध किए जाने के बाद आरोपी उससे रंजिश रखने लगा था।परिजनों का आरोप है कि शिकायत करने पर गोपाल शाक्य के साथियों चंद्रशेखर उर्फ करन, मोहित और अवनीश ने अंजाम भुगतने की धमकी भी दी थी।
रिपोर्ट के अनुसार 24 फरवरी की शाम चारों आरोपी असलहों के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने युवती के साथ छेड़छाड़ और जबरदस्ती का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी और जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
सूत्रों का कहना है कि दो आरोपियों को दिल्ली से पकड़ा गया है, लेकिन पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रभारी निरीक्षक एम.एम. चतुर्वेदी ने बताया कि अभी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।घटना के बाद गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
यह घटना एक बार फिर महिला सुरक्षा और छेड़छाड़ की शिकायतों को गंभीरता से न लेने के मुद्दे को सामने लाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शुरुआती शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई होती तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों की गिरफ्तारी को प्राथमिकता बता रही है।






