ईरान में तनाव के बीच फर्रुखाबाद की बेटी से हुआ संपर्क, घंटों की बेचैनी के बाद परिवार को मिली राहत
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संवाद 24 संवाददाता। ईरान में हालिया तनाव और हमलों की खबरों के बीच फर्रुखाबाद के एक परिवार की चिंता उस समय कम हुई जब उनकी बेटी से आखिरकार संपर्क हो सका। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला घेरशामू खां निवासी मेराज हुसैन आब्दी की पुत्री फिज़ा आब्दी इन दिनों ईरान के क़ुम शहर में रहकर शरीयत की पढ़ाई कर रही हैं। रविवार सुबह व्हाट्सएप कॉल पर हुई 5–6 मिनट की बातचीत के बाद परिजनों ने राहत महसूस की।
परिजनों के अनुसार, अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले की खबरें आने के बाद से उनका बेटी से संपर्क नहीं हो पा रहा था। फोन और इंटरनेट सेवाएं बाधित होने के कारण कई घंटों तक कोई सूचना नहीं मिली, जिससे परिवार बेहद चिंतित हो गया। रविवार सुबह बातचीत होने पर फिज़ा ने बताया कि अचानक हालात बिगड़ने से दूरसंचार नेटवर्क प्रभावित हो गया था, इसी वजह से वह संपर्क नहीं कर पा रही थीं।
फिज़ा पिछले छह महीनों से क़ुम शहर में तीन वर्षीय कोर्स कर रही हैं, जिसमें वे कुरान पर शोध से जुड़ी पढ़ाई कर रही हैं। इससे पहले उन्होंने आजमगढ़ के जामिया इमाम-ए-मेहदी मदरसे से शरीयत का पांच वर्षीय कोर्स पूरा किया था, जिसमें उर्दू, फ़ारसी और अरबी की शिक्षा शामिल रही। आगे की तालीम के लिए मदरसे की ओर से ही उन्हें ईरान भेजा गया था।उनके पिता मेराज हुसैन आब्दी असगर रोड पर सिलाई की दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि भारत-ईरान संबंध सामान्य होने के बावजूद बेटी से संपर्क न हो पाने के कारण परिवार मानसिक तनाव में था।
फिज़ा ने बातचीत में बताया कि वह तेहरान से लगभग 250 किलोमीटर दूर क़ुम शहर में हैं। उनके अनुसार, राजधानी तेहरान में हमलों के कारण माहौल तनावपूर्ण है, हालांकि क़ुम में फिलहाल सामान्य स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि हालात ज्यादा बिगड़ते हैं तो वहां की सरकार छात्रों को वापस भेजने का निर्णय ले सकती है, जैसा पहले भी किया जा चुका है।
परिवार के मुताबिक, फिलहाल छात्रा की भारत लौटने की कोई योजना नहीं है। उसने बताया है कि मदरसों और स्थानीय प्रशासन के निर्णय के अनुसार ही आगे कदम उठाया जाएगा। परिजन लगातार संपर्क बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।ईरान में जारी घटनाक्रम को लेकर परिवार अभी भी सतर्क है, लेकिन बेटी की कुशलता की जानकारी मिलने से उन्हें काफी हद तक राहत मिली है।






