खामनेई को लेकर फर्रुखाबाद में शोक सभा, कर्बला में उमड़ी भीड़
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संवाद 24 संवाददाता। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामनेई की कथित मौत की खबरों के बीच फर्रुखाबाद में शिया समुदाय ने शोक सभा (मजलिस) का आयोजन किया। समुदाय के लोगों ने दावा किया कि खामनेई की मृत्यु अमेरिका-इजरायल के हमले में हुई है, हालांकि इस संबंध में किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रविवार शाम मऊ दरवाजा थाना क्षेत्र के चिल्सरा रोड स्थित कर्बला परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। परिसर के भीतर खामनेई का पोस्टर लगाया गया और शोक कार्यक्रम आयोजित किया गया। मजलिस को मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली ने संबोधित किया।
मौलाना सैंथली ने अपने संबोधन में खामनेई को शिया समुदाय का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि वे केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रतीकात्मक आवाज थे। उन्होंने कहा कि हमले में कई निर्दोष लोगों की भी मौत हुई है और इसे “घर में घुसकर किया गया आतंकवाद” बताया।उन्होंने न्याय की बात करते हुए कहा कि इतिहास में जब-जब अत्याचार बढ़ा है, उसे दंड भी मिला है। सभा में मौजूद लोगों ने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दुआ की और मजलूमों के साथ खड़े रहने का संदेश दिया।
बताया गया कि शहर के मोहल्ला घेरशामू खां स्थित शिया समुदाय के इमामबाड़े में भी खामनेई का पोस्टर लगाया गया है। यहां रात लगभग 9 बजे उनकी याद में विशेष इबादत आयोजित करने की तैयारी की गई।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय स्तर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान दिया गया। आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।उल्लेखनीय है कि खामनेई की मौत को लेकर चल रही खबरों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी खबरों के आधार पर समुदाय ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर शोक व्यक्त किया।






