गंगा कटान से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए खुशखबरी, कायमगंज में बनेगा सुरक्षा कवच
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संवाद 24 संवाददाता। जिले के कायमगंज विधानसभा क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे तटबंध (एम्बैंकमेंट) निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। लंबे समय से बाढ़ की समस्या झेल रहे क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए इसे बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। प्रस्तावित तटबंध नगला धीमर से शुरू होकर पांचाल घाट तक बनाया जाएगा और इसके दायरे में कम्पिल थाना क्षेत्र तथा शमशाबाद ब्लॉक के अनेक बाढ़ प्रभावित गांव आएंगे।
कायमगंज की विधायक डॉ. सुरभि गंगवार के अनुसार, उन्होंने विधानसभा में क्षेत्र की वार्षिक बाढ़ समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद शासन स्तर पर परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। तटबंध निर्माण के लिए प्रारंभिक सर्वे कार्य हेतु धनराशि भी जारी कर दी गई है, जिससे तकनीकी प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की संभावना है।
यह तटबंध नगला धीमर से पांचाल घाट तक गंगा किनारे बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत धीमर नगला, बहबलपुर, पथरामई, गंडुआ, कुआं खेड़ा वजीर आलम समेत कम्पिल क्षेत्र के कई गांव तथा शमशाबाद ब्लॉक की बस्तियां सीधे तौर पर लाभान्वित होंगी। स्थानीय प्रशासन का अनुमान है कि परियोजना पूरी होने पर 100 से अधिक गांवों के निवासियों को हर वर्ष आने वाली बाढ़ से राहत मिलेगी।
फर्रुखाबाद जिले की तीनों तहसीलें कायमगंज, अमृतपुर और सदर गंगा की बाढ़ से नियमित रूप से प्रभावित होती हैं। खासतौर पर कायमगंज क्षेत्र के लगभग 100 गांव हर मानसून में जलभराव और कटान की चपेट में आ जाते हैं। सैकड़ों बीघा कृषि भूमि में खड़ी फसल नष्ट हो जाती है
कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचता है आवागमन और शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैंपशुधन और आजीविका पर भी गंभीर असर पड़ता हैस्थानीय किसानों के अनुसार कई परिवारों को हर वर्ष अस्थायी पलायन तक करना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तटबंध नियोजित ढंग से और तकनीकी मानकों के अनुरूप बनाया गया, तो नदी के कटान और पानी के फैलाव को नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे न केवल आबादी सुरक्षित होगी बल्कि कृषि क्षेत्र भी संरक्षित रहेगा। ग्रामीणों को सुरक्षित आवास, स्थायी खेती और बेहतर सड़क संपर्क मिलने की संभावना बढ़ेगी।
परियोजना के लिए सर्वे और डिजाइन तैयार होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर इसे प्राथमिकता वाली बाढ़ नियंत्रण योजना माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, वर्षों से बाढ़ की मार झेल रहे कायमगंज क्षेत्र के लिए यह तटबंध परियोजना आधारभूत सुरक्षा ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें सर्वे प्रक्रिया पूरी होने और निर्माण कार्य के जल्द शुरू होने पर टिकी हैं।






