अचरा में भीषण आग, ग्रामीणों की कोशिशें नाकाम झोपड़ी और पशुधन स्वाहा
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संवाद 24 संवाददाता। जिले के नवाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के अचरा तकीपुर गांव में शुक्रवार शाम भीषण आग लगने से एक ग्रामीण की झोपड़ी पूरी तरह जलकर राख हो गई। आग की चपेट में आने से अंदर बंधी पांच बकरियां और उनके पांच बच्चे जिंदा जल गए। घटना से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।
जानकारी के अनुसार अचरा निवासी सरनेश उर्फ बदले कठेरिया पुत्र मैकू लाल कठेरिया की गांव के बाहर स्थित झोपड़ी में शुक्रवार करीब 7:30 बजे अचानक आग लग गई। तेज लपटें उठती देख आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और उपलब्ध साधनों से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया।
लेकिन सूखी झोपड़ी और उसमें रखे सामान के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। ग्रामीणों ने घटना की सूचना अचरा चौकी इंचार्ज सूर्य प्रकाश उपाध्याय को दी।
सूचना मिलते ही चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे और मेरापुर थाना अध्यक्ष राजीव कुमार पांडे को अवगत कराया। इसके बाद दमकल विभाग को भी बुलाया गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक आग झोपड़ी को पूरी तरह अपनी चपेट में ले चुकी थी।
करीब आधे घंटे तक आग का तांडव जारी रहा और झोपड़ी में रखा सामान समेत अंदर बंधे पशु जलकर खत्म हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मुनीश मिश्रा भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
अचरा चौकी इंचार्ज सूर्य प्रकाश उपाध्याय ने बताया कि झोपड़ी के अंदर पांच बकरियां और उनके पांच बच्चे बंधे थे, जो आग की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आग लगने के कारणों की जानकारी की जा रही है।
प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या पास में जलाई गई आग से चिंगारी झोपड़ी तक पहुंची हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन कराया जा रहा है तथा राहत सहायता की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार पशुपालन ही परिवार की आय का प्रमुख साधन था, ऐसे में इस घटना से पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक क्षति हुई है।






