फिल्म या विवाद? फर्रुखाबाद में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, निर्माताओं पर कार्रवाई की मांग
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संवाद 24 संवाददाता। प्रस्तावित फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाने तथा निर्माता-निर्देशक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का आरोप है कि फिल्म एक विशिष्ट समुदाय की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री प्रस्तुत करती है। उनका कहना है कि शीर्षक, कथानक और प्रस्तुति से यह संदेश जाता है कि फिल्म में यादव समाज को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है, जिससे समाज में भ्रम और आक्रोश की स्थिति बन सकती है।
ज्ञापन में कहा गया कि ऐसी सामग्री से सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए फिल्म के प्रदर्शन और प्रसारण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने फिल्म के निर्माता संदीप तोमर सहित इससे जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों पर विधि अनुसार कठोर कार्रवाई की भी मांग उठाई। साथ ही भविष्य में किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री पर प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित करने का आग्रह किया गया।
विरोध प्रदर्शन वीर अहीर निर्माण सेवा की प्रदेश अध्यक्ष कंचन यादव के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान रोहित यादव एडवोकेट, यादव सेना के कानपुर मंडल अध्यक्ष प्रताप सिंह यादव समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता और समाज के लोग मौजूद रहे।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को संबंधित उच्चाधिकारियों तक भेजने और विधिक पहलुओं के अनुसार कार्रवाई पर विचार करने का आश्वासन दिया है। फिलहाल फिल्म के प्रदर्शन को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन स्थानीय स्तर पर स्थिति संवेदनशील बताई जा रही है।
यह विवाद अब स्थानीय मुद्दे से आगे बढ़कर सामाजिक और विधिक बहस का विषय बनता दिख रहा है। आगे प्रशासन और सेंसर संबंधी प्रक्रियाओं के निर्णय पर ही फिल्म के प्रदर्शन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






