कुलवंती हॉस्पिटल में बवाल, प्रसव के 7 दिन बाद महिला की मौत पर लापरवाही के आरोप
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। थाना कादरी गेट क्षेत्र के लकूला रोड स्थित कुलवंती हॉस्पिटल में शुक्रवार तड़के एक 28 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध-प्रदर्शन किया और चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, इटावा जनपद के ऊसराहार थाना क्षेत्र के माहुरी गांव निवासी राखी (पत्नी शिवाकांत कश्यप) की करीब एक सप्ताह पहले इसी अस्पताल में प्रसव हुआ था। उसने एक पुत्र को जन्म दिया था। परिजनों का कहना है कि डिलीवरी के बाद से ही उसकी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी। शुक्रवार तड़के अचानक हालत बिगड़ने पर परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सक को फोन पर सूचना दी। आरोप है कि डॉक्टर ने तत्काल अस्पताल लाने को कहा, जिसके बाद परिजन उसे लेकर पहुंचे।
परिजनों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने के बाद उपचार के दौरान राखी की मौत हो गई। मृतका के भाई गौरव व अभिषेक तथा मां सावित्री देवी ने आरोप लगाया कि गलत उपचार और समय पर उचित देखभाल न मिलने के कारण महिला की जान गई है। इसी आरोप को लेकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।
सूचना मिलने पर थाना कादरी गेट के प्रभारी निरीक्षक कपिल चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया, हालांकि मृतका की बहन कविता का पुलिस से काफी देर तक विवाद चलता रहा। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया।
घटना की सूचना पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अवनीन्द्र कुमार, सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अस्पताल पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों को जांच का भरोसा दिलाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कराई।
परिजनों ने बताया कि राखी की शादी लगभग पांच वर्ष पहले हुई थी। उसके परिवार में चार वर्ष की एक पुत्री सुकृति के अलावा एक सप्ताह पहले जन्मा नवजात पुत्र है। नवजात के जन्म के कुछ ही दिनों बाद मां की मौत से परिवार में मातम का माहौल है।
पुलिस का कहना है कि परिजनों से तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले की जांच कराने की बात कही है।






