बी. एन. राव की जयंती पर संगोष्ठी: संविधान निर्माण में उनके बौद्धिक योगदान को किया गया स्मरण
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संवाद 24 संवाददाता। ढ़िलावल में राष्ट्रवादी ब्रह्म महासभा के तत्वावधान में भारत के संविधान निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले प्रख्यात विधिवेत्ता बेनगल नरसिंह राव (बी. एन. राव) की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारतीय लोकतंत्र की बौद्धिक आधारशिला को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बी. एन. राव उन प्रमुख व्यक्तियों में रहे जिन्होंने भारतीय संविधान के प्रारंभिक मसौदे के निर्माण में निर्णायक बौद्धिक योगदान दिया। उन्होंने विश्व के विभिन्न देशों—विशेषकर ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा और आयरलैंड—के संवैधानिक ढांचों का अध्ययन कर एक प्रारंभिक रूपरेखा तैयार की थी। यही मसौदा आगे चलकर संविधान सभा की बहसों और संशोधनों का आधार बना।
वक्ताओं के अनुसार, संविधान निर्माण की प्रक्रिया केवल राजनीतिक नेतृत्व तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे अनेक विद्वानों और विधि विशेषज्ञों का गहन अध्ययन, तुलनात्मक विश्लेषण और कानूनी दृष्टि भी शामिल थी। बी. एन. राव ने संवैधानिक सलाहकार के रूप में कार्य करते हुए संविधान सभा को जटिल कानूनी प्रश्नों पर मार्गदर्शन दिया, जिससे अंतिम दस्तावेज अधिक व्यावहारिक और संतुलित बन सका।
संगोष्ठी में यह भी कहा गया कि समय के साथ बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और वोट बैंक की राजनीति के कारण उनके योगदान को उतनी व्यापक पहचान नहीं मिल सकी, जितनी मिलनी चाहिए थी। वक्ताओं ने विद्यार्थियों और युवाओं से आग्रह किया कि वे संविधान निर्माण की ऐतिहासिक प्रक्रिया और उससे जुड़े सभी प्रमुख व्यक्तित्वों का अध्ययन करें, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जागरूकता और सम्मान बढ़े।
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने संकल्प लिया कि प्रत्येक वर्ष 26 फरवरी को बी. एन. राव की जयंती विधिवत रूप से मनाई जाएगी तथा उनके विचारों और कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्र निर्माण में बौद्धिक योगदान देने वाले महापुरुषों को स्मरण करने और नई पीढ़ी तक उनके विचार पहुंचाने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अमन दुबे, जिला महासचिव अभिषेक दुबे, जिला उपाध्यक्ष अनुज दुबे, जिला युवा अध्यक्ष सचिन द्विवेदी, नगर अध्यक्ष शुभ दीक्षित तथा जिला संरक्षक मंडल के सदस्य अशोक मिश्रा, विजय शुक्ला, सतीश शुक्ला और विजय त्रिपाठी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यह संगोष्ठी केवल एक जयंती समारोह नहीं रही, बल्कि संविधान निर्माण के पीछे कार्यरत बौद्धिक परंपरा को समझने और समाज में संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास भी साबित हुई।






