फर्जी दस्तावेजों से शस्त्र लाइसेंस मामले में सुनवाई जारी, 18 मार्च को अगली तारीख
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संवाद 24 संवाददाता। जनपद में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करने के चर्चित मामले में न्यायालयीन कार्यवाही आगे बढ़ी है। बुधवार को एसीजेएम न्यायालय में आरोपी अनुराग कुमार उर्फ अनुराग दुबे की पेशी हुई, जहां गवाह अंजुम इकबाल से बचाव पक्ष के अधिवक्ता शशिभूषण दीक्षित ने जिरह की। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च की तारीख निर्धारित की है।
कोतवाली मोहम्मदाबाद के अपराध निरीक्षक दिवाकर प्रसाद सरोज द्वारा 29 सितंबर 2021 को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस के अनुसार, माफिया अनुपम दुबे के सगे भाई अनुराग कुमार और अमित कुमार पर जालसाजी कर तथ्यों को छिपाते हुए शस्त्र लाइसेंस हासिल करने का आरोप है। जांच में पाया गया कि दोनों ने अलग-अलग नाम, पता और जन्मतिथि दर्शाकर कई लाइसेंस बनवाए। पुलिस अभिलेखों के मुताबिक, अनुराग कुमार ने .315 बोर राइफल, .32 बोर पिस्टल और 12 बोर दोनाली बंदूक के लाइसेंस प्राप्त किए।अमित कुमार ने 12 बोर बंदूक, .32 बोर रिवॉल्वर और .315 बोर राइफल के लाइसेंस हासिल किए।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने शस्त्र आवेदन पत्रों में अलग-अलग जन्मतिथियां दर्ज कराईं और कहीं टीसी, कहीं अंकपत्र तथा कहीं शपथपत्र संलग्न कर दस्तावेज प्रस्तुत किए। अभिलेखागार से सत्यापित प्रतियां मंगाकर पुलिस ने जांच पूरी की। प्रशासनिक स्तर पर जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में संबंधित शस्त्र लाइसेंसों के निलंबन की कार्रवाई भी की जा चुकी है।पुलिस का यह भी कहना है कि अनुराग कुमार के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज बताए गए हैं।
सुनवाई के दौरान अनुराग कुमार न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुआ, जबकि सहआरोपी अमित कुमार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। गवाह के बयान और जिरह की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई 18 मार्च को तय की है।
मामले को लेकर जनपद में कानून-व्यवस्था और शस्त्र लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी चर्चा तेज हो गई है। न्यायालय की आगामी सुनवाई पर अब दोनों पक्षों की निगाहें टिकी हैं।






