पड़ोसियों से दूरी, आलीशान जीवन: रहस्यमयी ठाठ-बाट ने सबका ध्यान खींचा
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संवाद 24 संवाददाता। कायमगंज क्षेत्र में एक स्थानीय युवक का अचानक बढ़ता रहन-सहन और कुछ ही वर्षों में खड़ा हुआ आलीशान भवन लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब 15 वर्ष पहले गैंगलीडर बताए जा रहे जुबैर के पिता लड्डन को रहने के लिए सीमित जमीन मिली थी, जिस पर शुरुआती दौर में एक साधारण मकान बनाया गया था। उस समय परिवार सामान्य आर्थिक स्थिति में माना जाता था और स्थानीय लोगों के अनुसार जीवनशैली भी आम नागरिकों जैसी ही थी।
समय बीतने के साथ परिस्थितियां बदलती गईं। आसपास के लोगों के मुताबिक, बाद के वर्षों में जुबैर ने पड़ोस में खाली पड़े प्लॉट को खरीद लिया। इसके बाद महज तीन वर्षों के भीतर वहां बहुमंजिला और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन तैयार कर दिया गया। भवन की ऊंची दीवारें, मजबूत गेट, आधुनिक डिजाइन और बाहरी सजावट ने क्षेत्र के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। स्थानीय स्तर पर यह मकान ‘आलीशान कोठी’ के रूप में पहचाना जाने लगा।
पड़ोसियों का कहना है कि जुबैर का स्वभाव बेहद संकोची था। वह आम तौर पर किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करता था और अपने सामाजिक दायरे को सीमित रखता था। अधिकांश समय वह घर से बाहर ही रहता था। जब भी क्षेत्र में आता, महंगी कार से आवागमन करता दिखाई देता। उसके पहनावे और रहन-सहन में भी स्पष्ट रूप से आर्थिक सम्पन्नता झलकती थी, जो आसपास रहने वाले लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बन गई।
हालांकि, भव्य मकान और उच्च जीवनशैली के बावजूद स्थानीय लोगों से उसकी नजदीकी कभी विशेष नहीं रही। पड़ोसियों के अनुसार वह औपचारिक अभिवादन तक सीमित रहता था और सामाजिक कार्यक्रमों या स्थानीय गतिविधियों में शायद ही भाग लेता था। इसी कारण उसके व्यक्तिगत जीवन और आय के स्रोत को लेकर क्षेत्र में अक्सर चर्चाएं होती रहीं, लेकिन कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि अचानक आर्थिक स्थिति में आए बदलाव ने लोगों की जिज्ञासा अवश्य बढ़ाई, मगर प्रत्यक्ष रूप से किसी विवाद या टकराव की स्थिति कभी सामने नहीं आई। फिलहाल यह आलीशान भवन और उससे जुड़ी जीवनशैली कायमगंज में चर्चा का विषय बनी हुई है, और लोग इसे एक रहस्यमय परिवर्तन के रूप में देखते हैं।






