फर्रुखाबाद को मिली बड़ी आधारभूत सौगात: 753.60 करोड़ से बनेंगे छह फोरलेन पुल, जाम और जर्जर ढांचों से मिलेगी राहत
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संवाद 24 संवाददाता। जिले के लिए सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगा, रामगंगा और काली नदी सहित कुल छह फोरलेन पुलों के निर्माण को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 753.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मंजूरी मिलने के बाद अब निर्माण कार्य शुरू होने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
इटावा-बरेली हाईवे (एनएच-730C) को पहले ही फोरलेन में विस्तारित किया जा चुका है, लेकिन मार्ग पर मौजूद पुराने पुल उसकी क्षमता के अनुरूप नहीं थे। अधिकांश पुलों की चौड़ाई लगभग 10 मीटर है, जबकि हाईवे की चौड़ाई उससे कहीं अधिक हो चुकी है।
गंगा और रामगंगा नदी के पुल काफी पुराने हो चुके हैं। मरम्मत के दौरान अक्सर यातायात को वन-वे करना पड़ता है, जिससे लंबा जाम लग जाता है। त्योहारों, मेलों और कांवड़ यात्रा के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। भारी वाहनों और बढ़ती ट्रैफिक घनत्व के कारण दुर्घटना का जोखिम भी बना रहता है।
परियोजना के तहत कुल छह पुल फोरलेन बनाए जाएंगेपांचाल घाट पर
गंगा नदी का पुलरामगंगा नदी का पुलकाली नदी का पुलबघार क्षेत्र के दोपुलमहमदपुर का एक पुलनए पुलों की चौड़ाई 22 मीटर से अधिक रखी जाएगी, जिससे दोनों दिशाओं में एक साथ सुरक्षित यातायात संभव होगा।
स्थानीय सांसद मुकेश राजपूत ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय को पत्र लिखकर पुलों के निर्माण की मांग की थी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रस्ताव को स्वीकृति दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि परियोजना से क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
फर्रुखाबाद धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। नए पुल बनने से कई प्रमुख स्थलों तक पहुंच आसान होगीसंकिसा बौद्ध तीर्थपांचाल घाटरामनगरिया मेला क्षेत्रकांवड़ यात्रा मार्गबेहतर कनेक्टिविटी से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे स्थानीयव्यापार, होटल, परिवहन और छोटे कारोबार को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
यह मार्ग भिंड-लिपुलेख कॉरिडोर से भी जुड़ाव रखता है। पुलों के चौड़े होने से मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुगम होगी और ट्रांजिट समय घटेगा। इससेपरिवहन लागत कम होगीकृषि उत्पादों की ढुलाई तेज होगी
मंडियों तक पहुंच आसान बनेगीस्थानीय उद्योगों को बाजार विस्तारमिलेगा
अब प्रशासनिक स्वीकृतियों, टेंडर प्रक्रिया और तकनीकी सर्वेक्षण के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। यदि काम समयबद्ध तरीके से पूरा हुआ, तो यह परियोजना फर्रुखाबाद ही नहीं बल्कि पूरे कन्नौज-बरेली मार्ग की यातायात व्यवस्था को बदल सकती है।
छह फोरलेन पुलों की यह परियोजना सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास का आधार बन सकती है। बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षित यातायात और पर्यटन-व्यापार में संभावित वृद्धि से फर्रुखाबाद को दीर्घकालिक आर्थिक और सामाजिक लाभ मिलने की उम्मीद है।






