गांवों का सर्किल रेट नगर पंचायत के अनुरूप करने की मांग: लिंक एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण में मुआवजा बढ़ाने की उठी आवाज
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संवाद 24 संवाददाता। जिले में प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों का असंतोष खुलकर सामने आ गया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के नेतृत्व में मंगलवार को सदर तहसील परिसर में किसानों ने धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन को जिलाधिकारी संबोधित ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बाजार मूल्य के अनुरूप मुआवजा तय करने और सर्किल रेट में एकरूपता लागू करने की प्रमुख मांग उठाई।
धरने में शामिल किसानों का कहना था कि अधिग्रहित की जा रही भूमि का वर्तमान सर्किल रेट वास्तविक बाजार कीमत से काफी कम निर्धारित किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। यूनियन पदाधिकारियों ने मांग रखी कि भूमि का मूल्यांकन वास्तविक बाजार भाव के आधार पर किया जाए और मुआवजा कम से कम चार गुना निर्धारित किया जाए।
किसानों ने आरोप लगाया कि जनपद के अलग-अलग गांवों में सर्किल रेट अलग-अलग निर्धारित हैं। कई स्थानों पर उपजाऊ कृषि भूमि का रेट कम जबकि अनुपजाऊ जमीन का अधिक तय किया गया है। इससे भूमि मूल्यांकन की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि यदि भूमि अधिग्रहण सार्वजनिक परियोजना के लिए किया जा रहा है, तो सभी प्रभावित गांवों के लिए समान मानक लागू होना चाहिए।
इसके साथ ही नगर पंचायत खीमसेपुर में शामिल गांवों का सर्किल रेट नगर पंचायत के अनुरूप संशोधित करने की भी मांग उठाई गई, ताकि शहरी क्षेत्र से जुड़े गांवों के किसानों को कम दरों पर मुआवजा न मिलेकिसानों ने प्रशासन पर बैनामा कराने का दबाव बनाने का आरोप भी लगाया। ज्ञापन में कहा गया कि जब तक परियोजना का अंतिम लेआउट स्पष्ट रूप से तय न हो जाए, तब तक संबंधित भूमि की रजिस्ट्री पर रोक लगाई जाए। साथ ही किसानों की सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण न किए जाने की मांग दोहराई गई।
धरना भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार के नेतृत्व में हुआ, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिम) विजेंद्र सिंह यादव भी शामिल हुए। सुबह से ही किसान सदर तहसील परिसर में जुटने लगे और दोपहर बाद तक नारेबाजी के साथ प्रदर्शन जारी रहा।
प्रदर्शन में छविनाथ शाह, अरविंद गंगवार, अनुज राजपूत, राजीव यादव, सतीश कठेरिया, अंकित गंगवार, बृजेश गंगवार, अशोक यादव, आशीष यादव, टिंकू यादव, शिवराम शाक्य, गोपाल मिश्रा और अरविंद शाक्य सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसानों ने ज्ञापन में प्रशासन से मांगों का समयबद्ध निस्तारण करने का अनुरोध करते हुए कहा कि सभी मुद्दों का समाधान होली से पहले किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों में अनिश्चितता की स्थिति समाप्त हो सके।
धरने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले का परीक्षण कराने का आश्वासन दिया। फिलहाल किसानों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई न होने पर आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जाएगा।






