फर्रुखाबाद में सड़क ढांचे को नई रफ्तार: 24.42 करोड़ की परियोजनाओं से बदलेगी आवागमन व्यवस्था
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संवाद 24 संवाददाता। जनपद में सड़क अवसंरचना सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। प्रदेश शासन द्वारा 24.42 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न सड़क चौड़ीकरण और मरम्मत कार्यों को स्वीकृति मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने परियोजनाओं पर कार्रवाई तेज कर दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अधिकांश छोटे-मध्यम कार्यों का आवंटन कर दिया गया है, जबकि बड़े मार्गों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। इन योजनाओं के पूरा होने पर प्रतिदिन आवागमन करने वाले करीब 45 हजार से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है।
अटैना–कंपिल–कायमगंज–संकिसा–मोहम्मदाबाद मार्ग के लगभग 13 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण है, जिस पर करीब 23.35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह मार्ग जनपद के प्रमुख धार्मिक स्थलों और व्यापारिक क्षेत्रों को जोड़ता है, इसलिए यहां वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता रहा है। संकिसा से अचरा मार्ग के चौड़ीकरण के बाद जाम की समस्या में कमी आने और यातायात सुचारु होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे स्थानीय व्यापार, तीर्थ यात्रियों और ग्रामीण आवागमन—तीनों को लाभ होगा।
मुख्य मार्ग के साथ-साथ कई ग्रामीण संपर्क सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य भी स्वीकृत किए गए हैं।महोई गांव के मजरा बसावट नगला खरा संपर्क मार्ग के निर्माण व मरम्मत पर 25.50 लाख रुपये खर्च होंगे।
सितवनपुर पिथू के रामनगर संपर्क मार्ग पर 24 लाख रुपये लगाएजाएंगे।
मोहम्मदाबाद ब्लॉक के मौधा स्थित नगला खटा मार्ग पर 17 लाख रुपयेसे नवीनीकरण होगा।कुबेरपुर घाट क्षेत्र के फतेहपुर बड़ा संपर्क मार्ग पर 16 लाख रुपये से मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग-29 से भरतपुर होते हुए नगला हरी संपर्क मार्ग की मरम्मत एवं नवीनीकरण 24.60 लाख रुपये में किया जाएगा।
इन ग्रामीण सड़कों के जर्जर होने से लोगों को लंबे समय से आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, विशेषकर बारिश के मौसम में हालात और खराब हो जाते थे।
पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता जितेंद्र सिंह ने बताया कि अटैना-कंपिल-कायमगंज-संकिसा-मोहम्मदाबाद मार्ग का कुछ हिस्सा एटा जनपद में पड़ता है, जहां पहले से सीसी सड़क बनी हुई है। इसी कारण चौड़ीकरण कार्य को दो खंडों में विभाजित कर क्रियान्वित किया जाएगा, ताकि तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें न आएं।
वहीं प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता मुरलीधर ने कहा कि मुख्य सड़क परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है और अन्य स्वीकृत कार्यों का आवंटन किया जा चुका है। विभाग शीघ्र ही धरातल पर काम शुरू कराने की तैयारी कर रहा है।
सड़क चौड़ीकरण और मरम्मत से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि परिवहन लागत में कमी, स्थानीय बाजारों तक पहुंच में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आने की संभावना है। बेहतर सड़कें स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और कृषि उत्पादों के विपणन तक पहुंच को आसान बनाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा हुआ, तो यह परियोजना जिले की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति दे सकती है।
फिलहाल जिले के लोगों की निगाहें काम शुरू होने और तय समय में पूरा होने पर टिकी हैं, क्योंकि लंबे समय से खराब सड़कों की समस्या स्थानीय जीवन की बड़ी चुनौती बनी हुई थी।






