औचक निरीक्षण से अफसरों की बढ़ी धड़कनें, राजस्व वसूली तेज करने का अल्टीमेटम
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने शनिवार को प्रशासनिक कार्यप्रणाली की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से सदर तहसील, नगर पालिका परिषद और थाना मऊ दरवाजा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजस्व वसूली की गति बढ़ाने, लंबित राजस्व वादों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तथा जनसुनवाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के स्पष्ट निर्देश अधिकारियों को दिए।
दोपहर करीब ढाई बजे जिलाधिकारी नगर पालिका कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अभिलेखों के रख-रखाव, कर वसूली की प्रगति, जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था, निर्माण कार्यों की स्थिति और स्वच्छता व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए उन्होंने पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने को कहा।
जनसुनवाई कक्ष का निरीक्षण करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए, ताकि आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने लक्ष्य के सापेक्ष कर वसूली बढ़ाने, निष्प्रयोज्य वाहनों का मूल्यांकन कराकर नीलामी कराने तथा टाइड और अनटाइड ग्रांट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही कार्यालय परिसर में मूलभूत सुविधाएं बेहतर रखने पर जोर दिया।
सदर तहसील निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने साफ-सफाई, अभिलेख संधारण, फार्मर रजिस्ट्री और विभिन्न पटलों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने न्यायालयों में लंबित राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अनावश्यक रूप से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और उनकी नियमित निगरानी की जाए।
तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। साथ ही खतौनी अद्यतन, नामांतरण और वरासत प्रकरणों की प्रगति पर भी उन्होंने संतोषजनक सुधार लाने के लिए कहा।थाना मऊ दरवाजा पहुंचकर डीएम ने बीट पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण और शिकायत निस्तारण की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने थाना परिसर की साफ-सफाई, आगंतुक रजिस्टर, महिला हेल्प डेस्क, शस्त्रागार, मालखाना और बंदी गृह का गहन निरीक्षण किया।
थाना समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश देते हुए उन्होंने लंबित विवेचनाओं की प्रगति जानी और गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई पर बल दिया। महिला संबंधित प्रकरणों में संवेदनशीलता और प्राथमिकता बरतने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही सीसीटीएनएस प्रणाली के प्रभावी उपयोग और आमजन के प्रति शिष्ट व्यवहार सुनिश्चित करने को कहा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक व्यवस्था का उद्देश्य आमजन को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों से कार्यप्रणाली को सरल, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने को कहा, ताकि नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
औचक निरीक्षण को प्रशासनिक सक्रियता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे राजस्व वसूली, शिकायत निस्तारण और कानून-व्यवस्था व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।






