लिंजीगंज बाजार में ट्रक की एंट्री से जाम: व्यवस्था की कमी ने बढ़ाई परेशानी, समाधान पर उठे सवाल
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संवाद 24 संवाददाता। शहर के व्यस्ततम किराना व्यापारिक क्षेत्र लिंजीगंज बाजार में शनिवार सुबह करीब 11 बजे एक ट्रक के प्रवेश से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। किराना का माल उतारने के लिए बाजार में घुसे इस बड़े वाहन ने कुछ ही मिनटों में सड़क को संकरी गलियों में बदल दिया और देखते-ही-देखते भीषण जाम की स्थिति बन गई। जाम में दुकानदारों, ग्राहकों, पैदल राहगीरों, ई-रिक्शा चालकों और बाइक सवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक के भीतर घुसने के बाद हालात तब और बिगड़ गए, जब सामने की दिशा से एक पिकअप वाहन भी पहुंच गया। इसी बीच एक लोडर द्वारा सड़क किनारे माल लोड-अनलोड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पहले से ही संकरी सड़क पर तीन-तीन मालवाहक वाहनों की मौजूदगी से रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और बाजार में लंबी कतारें लग गईं।
करीब एक घंटे तक बाजार के भीतर कोई भी वाहन आगे नहीं बढ़ सका। कई ग्राहक खरीदारी छोड़कर पैदल ही बाहर निकलते दिखे, जबकि दुकानदारों को माल उतारने और ग्राहकों तक पहुंचने में कठिनाई हुई। ई-रिक्शा चालकों ने बताया कि उन्हें यात्रियों को बीच रास्ते उतारना पड़ा।
स्थानीय व्यापारियों और निवासियों का कहना है कि लिंजीगंज बाजार में जाम अब अपवाद नहीं बल्कि रोजमर्रा की स्थिति बन चुका हैमुख्यकारणों में दुकानों के सामने फुटपाथ पर रखा मालदुकानदारों और ग्राहकों केदोपहिया वाहन सड़क पर खड़े होनाबड़े मालवाहक वाहनों का दिन में प्रवेशलोडिंग-अनलोडिंग के लिए निर्धारित समय का अभावफुटपाथों पर कब्जे के कारण सड़क की चौड़ाई आधी रह जाती है। ऐसे में जब भारी वाहन अंदर आते हैं, तो बाजार पूरी तरह जाम हो जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में यातायात नियंत्रण की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं दिखती। न तो लोडिंग-अनलोडिंग का समय निर्धारित है और न ही बड़े वाहनों के प्रवेश पर स्पष्ट प्रतिबंध लागू होता दिखाई देता है। व्यापारियों का भी मानना है कि यदि बड़े वाहनों के प्रवेश का समय सुबह जल्दी या देर शाम तय कर दिया जाए, तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
शहर के व्यापारिक क्षेत्रों में बढ़ती भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए विशेषज्ञ निम्न उपाय सुझाते हैं:
बाजार में भारी वाहनों के प्रवेश के लिए निश्चित समय तय किया जाए।
फुटपाथ अतिक्रमण के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाए।
बाजार के बाहर अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए जाएं।
यातायात पुलिस की तैनाती पीक ऑवर्स में सुनिश्चित की जाए।
माल उतारने के लिए अलग लोडिंग-जोन चिन्हित किए जाएं।
लिंजीगंज बाजार की शनिवार की घटना ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि बढ़ते व्यापारिक दबाव और अव्यवस्थित यातायात के बीच समन्वित व्यवस्था की आवश्यकता है। जब तक अतिक्रमण, पार्किंग और भारी वाहनों के प्रवेश को लेकर ठोस नियम लागू नहीं होते, तब तक शहर के प्रमुख बाजारों में जाम की समस्या बनी रहना तय है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन और व्यापार मंडल मिलकर स्थायी समाधान तैयार करें, ताकि व्यापार भी प्रभावित न हो और आम नागरिकों को भी राहत मिल सके।






