शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदलीं: टेंट का पोल हाईटेंशन लाइन से टकराया, चार झुलसे
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संवाद 24 संवाददाता। जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित राजा रामपुर मई गांव में शनिवार को शादी की खुशियां अचानक अफरा-तफरी में बदल गईं, जब टेंट लगाने के दौरान लोहे का पाइप ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन विद्युत लाइन से टकरा गया। करंट दौड़ने से एक युवक समेत तीन मासूम बच्चे झुलस गए। सभी घायलों को तत्काल जिला लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
गांव निवासी स्वर्गीय दयाराम की पुत्री रेशम की शादी के लिए घर में मांगलिक कार्यक्रम चल रहे थे और शनिवार को बारात आनी थी। इसी क्रम में पंडाल लगाने के लिए टेंट का सामान लेकर वाहन पहुंचा।
परिजनों के अनुसार, युवती का मौसेरा भाई 28 वर्षीय राजू पाल वाहन से सामान उतार रहा था। उसी दौरान कुछ बच्चे भी वाहन के पास खेलते-खेलते चढ़ गए। सामान उतारते समय लोहे का लंबा पाइप अनजाने में ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन लाइन से छू गया, जिससे पाइप में तुरंत विद्युत प्रवाह दौड़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही पाइप तार से टकराया, हल्की चीख सुनाई दी और सभी लोग झटके से दूर जा गिरे। अचानक हुए हादसे से विवाह स्थल पर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। परिवारजन तुरंत घायलों को निजी वाहन से जिला लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी ले गए।
अस्पताल के ड्यूटी चिकित्सक ने बताया कि करंट से झुलसे चारों मरीजों को प्राथमिक उपचार दे दिया गया है और उनकी हालत पर निगरानी रखी जा रही है। प्रारंभिक जांच में सभी की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।
परिवार के लोगों का कहना है कि पाइप तुरंत तार से अलग हो गया, वरना घटना और गंभीर हो सकती थी। जिस स्थान पर पंडाल लगाया जा रहा था, वहां से हाई टेंशन लाइन बेहद नीचे से गुजर रही थी, जिससे जोखिम बढ़ गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में अक्सर शादी-समारोह के दौरान बिना विद्युत सुरक्षा मानकों की जांच किए पंडाल लगा दिए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हाई टेंशन लाइन के नीचे या उसके बेहद पास लोहे के पाइप, सीढ़ी, एंटीना या टेंट स्ट्रक्चर खड़ा करना बेहद खतरनाक होता है, क्योंकि धातु तुरंत विद्युत चालक बन जाती है।
यह घटना एक बार फिर सावधानी और विद्युत सुरक्षा नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। शादी की तैयारियों में लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती थी, हालांकि समय रहते लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाकर बड़ी अनहोनी टाल दी।






