नातिन की विदाई के बाद नानी का निधन: खुशियों के बीच छाया मातम
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संवाद 24 संवाददाता। जनपद के नवाबगंज क्षेत्र में शनिवार सुबह एक परिवार की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। बेटी की शादी की रस्में पूरी होने और विदाई के कुछ ही समय बाद दुल्हन की नानी का निधन हो गया। घटना ने शादी में मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया। परिजनों ने दुल्हन की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए तत्काल उसे इस दुखद सूचना से अनभिज्ञ रखा।
जानकारी के अनुसार नवाबगंज के घुमैया रसूलपुर निवासी राजीव कुमार सक्सेना ने अपनी 22 वर्षीय पुत्री लक्ष्मी का विवाह माया गेस्ट हाउस में आयोजित किया था। शुक्रवार शाम बारात का पारंपरिक स्वागत किया गया और रात भर सभी वैवाहिक रस्में संपन्न हुईं। शनिवार तड़के लगभग 5 बजे रीति-रिवाजों के साथ लक्ष्मी की विदाई हुई।
विदाई के कुछ ही मिनट बाद दुल्हन की नानी गोमती देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी। परिवार के लोग तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
मृतका गोमती देवी (लगभग 60 वर्ष) हरदोई जिले के चांदपुर गांव की निवासी थीं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। इसके बावजूद नातिन की शादी में शामिल होने की इच्छा के चलते वह अपनी छोटी बेटी के साथ फर्रुखाबाद आई थीं। बताया गया कि विवाह से एक दिन पहले उन्होंने स्वयं ही नातिन का कन्यादान भी किया था।
गोमती देवी के पति का लगभग नौ वर्ष पूर्व निधन हो चुका था। परिवारजनों के अनुसार नातिन के विवाह को लेकर वह विशेष रूप से भावुक थीं और इसी कारण अस्वस्थता के बावजूद समारोह में शामिल हुईं।
घटना के बाद गेस्ट हाउस और घर दोनों स्थानों पर शोक का माहौल बन गया। परिजनों ने दुल्हन की नई जिंदगी की शुरुआत को देखते हुए तत्काल उसे यह जानकारी नहीं दी और पहले ससुराल पक्ष को घटना से अवगत कराया।
दुल्हन के पिता राजीव सक्सेना स्थानीय स्तर पर कार्य करते हैं, जबकि उनका पुत्र मनीष दिल्ली में निजी कंपनी में कार्यरत है। परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें लक्ष्मी दूसरे नंबर की संतान है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विवाह जैसे मंगल अवसर पर इस तरह की घटना ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। एक ओर बेटी की विदाई की रस्में पूरी हुईं, वहीं दूसरी ओर उसी परिवार को शोक का सामना करना पड़ा।
यह घटना रिश्तों की भावनात्मक गहराई को भी दर्शाती है—एक नानी जिसने अपनी नातिन के जीवन के महत्वपूर्ण क्षण को देखने और उसमें भाग लेने की इच्छा पूरी की, लेकिन विदाई के तुरंत बाद दुनिया को अलविदा कह दिया।






