बहन के रिश्ते से नाराजगी ने ली जान, 8 साल बाद आरोपी को 10 साल कैद
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संवाद 24 संवाददाता। एक अदालत ने बहन के प्रेमी की हत्या और बहन को गंभीर रूप से घायल करने के बहुचर्चित मामले में दोषी पाए गए बाल अपचारी को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रितिका त्यागी ने दोषी पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में जुर्माना जमा नहीं किया गया, तो दोषी को अतिरिक्त तीन माह का कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 25 जून 2017 की रात करीब 12:30 बजे सदर कोतवाली क्षेत्र में हुई थी। मोहल्ले में रहने वाला युवक सोनू पास ही रहने वाली युवती से प्रेम संबंध में था। घटना की रात परिवार के सदस्य भोजन करने के बाद छत पर सो रहे थे।
इसी दौरान अचानक नीचे से शोर सुनाई दिया। परिवारजन जब नीचे पहुंचे तो देखा कि युवती का भाई लोहे की रॉड से सोनू और अपनी ही बहन पर लगातार हमला कर रहा था। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने सोनू को मृत घोषित कर दिया, जबकि युवती को गंभीर हालत में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए तथा गवाहों के बयान दर्ज किए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने 16 फरवरी को आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने माना कि प्रस्तुत साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा चिकित्सकीय रिपोर्ट से अपराध सिद्ध होता है। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी कर दोषी को 10 वर्ष की सश्रम कारावास और आर्थिक दंड से दंडित किया गया।
अदालत के इस निर्णय को आठ वर्ष पुराने मामले में न्यायिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण परिणति माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह फैसला गंभीर अपराधों के प्रति न्यायालय की सख्त दृष्टि का संकेत भी माना जा रहा है।






