फर्रुखाबाद मंडी गेट पर जाम से ठप हुई रफ्तार, अव्यवस्थित ट्रैफिक प्रबंधन बना बड़ी चुनौती
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संवाद 24 संवाददाता। जिले की सातनपुर आलू मंडी के बाहर सोमवार को एक बार फिर अव्यवस्था की तस्वीर सामने आई, जब मंडी गेट पर बेतरतीब खड़े ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के कारण लगभग एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया। मंडी से लेकर सेंट्रल जेल चौराहे तक फैले इस जाम ने सुबह से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी में डाल दिया।
एशिया की प्रमुख आलू मंडियों में गिनी जाने वाली सातनपुर मंडी में इन दिनों आलू की आवक चरम पर है। तड़के करीब 4 बजे से ही किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और बाहरी जिलों से आने वाले ट्रक मंडी पहुंचने लगते हैं। लोडिंग-अनलोडिंग की प्रक्रिया सड़क किनारे ही होने से मुख्य मार्ग पर वाहनों की कतार लग जाती है। सोमवार को स्थिति तब बिगड़ी जब मंडी गेट के बाहर ट्रक आड़े-तिरछे खड़े हो गए और सड़क की आधी चौड़ाई घेर ली। धीरे-धीरे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और जाम सेंट्रल जेल चौराहे तक फैल गया।
कायमगंज निवासी दीपक शाक्य, जो कार से कानपुर जा रहे थे, ने बताया कि उनकी गाड़ी करीब 30 मिनट तक बिल्कुल आगे नहीं बढ़ सकी। वहीं डीसीएम चालक मोहित, जो कानपुर से माल लेकर एटा जा रहे थे, लगभग 40 मिनट तक जाम में फंसे रहे। दोपहिया वाहन चालक भी जाम में रेंगते नजर आए। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के समय स्कूल बसों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।
मंडी आने वाले किसानों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। आलू सीजन में लगभग रोजाना ऐसी स्थिति बनती है। पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था और वाहनों की क्रमबद्ध एंट्री न होने से सड़क ही अस्थायी यार्ड बन जाती है। व्यापारियों के मुताबिक, लोडिंग-अनलोडिंग के लिए निर्धारित स्थान और समय तय न होने से ट्रक चालक पहले पहुंचने की होड़ में सड़क पर ही खड़े हो जाते हैं, जिससे जाम लगना तय हो जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मंडी क्षेत्र में यातायात पुलिस की नियमित तैनाती नहीं रहती। भारी वाहनों के लिए अलग मार्ग या अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था न होने से आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मंडी सीजन में ट्रैफिक डायवर्जन, टोकन सिस्टम और बाहरी पार्किंग स्थल की व्यवस्था लागू की जाए तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती ह
सातनपुर मंडी जिले की कृषि अर्थव्यवस्था का अहम केंद्र है। ऐसे में जाम की समस्या केवल यातायात का मुद्दा नहीं बल्कि व्यापार और किसानों की आय से भी जुड़ी हुई है। यदि शीघ्र ही ठोस प्रबंधन नहीं किया गया, तो आवक बढ़ने के साथ स्थिति और गंभीर हो सकती है।
फिलहाल, स्थानीय नागरिकों और किसानों की मांग है कि प्रशासन मंडी क्षेत्र में स्थायी ट्रैफिक योजना लागू करे, ताकि कारोबार भी सुचारु चले और आम लोगों की आवाजाही भी बाधित न हो।






