पर्यावरण और यात्रियों दोनों को राहत: फर्रुखाबाद में शुरू हुई अटल सेवा बस
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संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। फर्रुखाबाद रोडवेज डिपो में इलेक्ट्रिक बसों की टेस्टिंग शुरू हो गई है। परिवहन निगम द्वारा फिलहाल दो बसों का परीक्षण किया जा रहा है और परीक्षण सफल रहने पर भविष्य में इनकी संख्या बढ़ाए जाने की तैयारी है। इस पहल से जिले के यात्रियों को न केवल सुविधाजनक बल्कि प्रदूषण-मुक्त यात्रा का विकल्प मिलेगा।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) राजेश कुमार के अनुसार, परिवहन विभाग प्रदेश स्तर पर इलेक्ट्रिक बस सेवा को “अटल सेवा बस” के रूप में संचालित कर रहा है। इसी योजना के तहत आगरा-फर्रुखाबाद मार्ग पर बसों का संचालन शुरू किया गया है। इससे दोनों शहरों के बीच नियमित और विश्वसनीय कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
इलेक्ट्रिक बसें पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में पर्यावरण पर बेहद कम असर डालती हैं। इनमें धुआं या कार्बन उत्सर्जन नहीं होता, जिससे वायु प्रदूषण कम होगा। साथ ही रखरखाव लागत भी कम बताई जा रही है, क्योंकि इनमें इंजन ऑयल और भारी मैकेनिकल पार्ट्स की आवश्यकता नहीं पड़ती।
फर्रुखाबाद डिपो में इन बसों के लिए चार्जिंग प्वाइंट भी स्थापित कर दिया गया है। बस के पहुंचते ही उसे चार्ज किया जाएगा, जिससे संचालन सुचारु बना रहेगा।
नई इलेक्ट्रिक बसों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों में कई व्यवस्थाएं की गई हैं—
हर सीट पर एयर कंडीशनिंग की सुविधा
मोबाइल चार्जिंग पॉइंट
अग्निशमन यंत्र
प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) बॉक्स
आरामदायक एवं मोड़ने योग्य सीटें
बसों में झटके कम महसूस होते हैं, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक आरामदायक होगी।
एक बार फुल चार्ज होने पर बस लगभग 250 किलोमीटर तक चल सकती है। आगरा से फर्रुखाबाद के बीच करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग 5 घंटे लगते हैं और इस दौरान बैटरी का 55-60 प्रतिशत उपयोग होता है। फर्रुखाबाद पहुंचने के बाद बस को करीब एक घंटे में पुनः चार्ज किया जा सकता है। इन बसों की अधिकतम गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जबकि आगरा से फर्रुखाबाद का किराया 427 रुपये तय किया गया है।
अब तक यात्रियों को इस मार्ग पर डीजल बसों या निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था। इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से नियमित समयबद्ध यात्रा, आरामदायक सफर और अपेक्षाकृत स्वच्छ परिवहन उपलब्ध होगा। साथ ही, क्षेत्रीय व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश सरकार सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। फर्रुखाबाद में टेस्टिंग शुरू होना इसी व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी ऐसे रूट विकसित किए जा सकते हैं।
निष्कर्ष: फर्रुखाबाद में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत केवल नई परिवहन सेवा नहीं, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण और आधुनिक यातायात व्यवस्था की दिशा में बड़ा बदलाव है। यह पहल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण के लक्ष्य को भी मजबूत करेगी। आने वाले समय में यह सेवा जिले की दैनिक यात्रा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।






