व्यापार मंडल बनाम प्रशासन: संडे बाजार हटाने से सड़क पर उतरा आक्रोश
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संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश में व्यापारियों और जिला प्रशासन के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। संडे बाजार हटाने की कार्रवाई, रेलवे रोड के निर्माण को लेकर मतभेद और हालिया पुलिस कार्रवाई ने हालात को और जटिल बना दिया है। इन घटनाक्रमों के केंद्र में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल और जिला प्रशासन आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
बीते कई सप्ताह से संडे बाजार को लेकर प्रशासन का रुख सख्त रहा। चौक, नेहरू रोड सहित शहर के विभिन्न इलाकों में फुटपाथ पर लगने वाले संडे बाजार हटवा दिए गए। इसके विरोध में युवा व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव और पटरी दुकानदारों ने जुलूस निकालकर धरना-प्रदर्शन किया। हालांकि, प्रशासन की सख्ती और संगठन के एक धड़े के कथित ढुलमुल रवैये के कारण संडे बाजार दोबारा शुरू नहीं हो सका।
इसी बीच रेलवे रोड निर्माण कार्य को लेकर विवाद और गहरा गया। उद्योग व्यापार मंडल के मिश्रा गुट के जिला अध्यक्ष सदानंद शुक्ला और उपाध्यक्ष राजू गौतम जब निर्माण कार्य का शुभारंभ करने पहुंचे, तो अन्य व्यापारिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। बाद में नगर पालिका अध्यक्ष पति मनोज अग्रवाल ने कुछ व्यापारिक संगठनों और शहर के चुनिंदा लोगों के साथ बैठक कर निर्माण की रूपरेखा तय की, जिसके बाद काम शुरू कराया गया।
इस बैठक में महिला जिला अध्यक्ष सोनी शुक्ला और युवा नगर अध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव को आमंत्रित न किए जाने पर असंतोष और बढ़ गया। नाराजगी के चलते संडे बाजार के दुकानदारों के साथ रेलवे रोड पर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस पर जिला अध्यक्ष सदानंद शुक्ला ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें इस धरने की जानकारी नहीं थी और वे इसमें शामिल नहीं हैं।
मामला 1 फरवरी को तब और तूल पकड़ गया, जब युवा व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव ने बजरिया चौकी इंचार्ज लक्ष्मण सिंह और एक सिपाही के खिलाफ टाउन हॉल से पक्का पुल तक मशाल जुलूस निकाला। पुलिस ने इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला मानते हुए अंकुर श्रीवास्तव समेत 27 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
इसके अगले दिन 2 फरवरी को महिला महामंत्री हेमलता मिश्रा के आवास पर हुई बैठक में जिला अध्यक्ष सदानंद शुक्ला और युवा जिला अध्यक्ष सुंदर गुप्ता ने इस मुकदमे से खुद को अलग बताते हुए पल्ला झाड़ लिया। इस खबर को जेएनआई ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। बाद में जिला अध्यक्ष ने पत्र जारी कर कहा कि संगठन में कोई मतभेद नहीं है और
व्यापार मंडल अंकुर श्रीवास्तव व उनके साथियों के साथ खड़ा है। साथ ही, मुकदमे को लेकर जिला प्रशासन से वार्ता की बात भी कही गई।
इधर, युवा व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव ने एक वीडियो जारी कर घोषणा की कि 5 फरवरी को चौकी प्रभारी का फिर पुतला फूंका जाएगा। उसी दिन अंगूरी बाग में व्यापार मंडल की बैठक भी प्रस्तावित है। संगठन का समर्थन मिलने के बाद उन्होंने आंदोलन जारी रखने और किसी भी दबाव में पीछे न हटने का ऐलान किया है।
पुलिस के पुतले को दोबारा फूंके जाने की घोषणा से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और व्यापार मंडल के बीच चल रहा यह टकराव संवाद से सुलझता है या आने वाले दिनों में और उग्र रूप लेता है।






