पारदर्शिता पर जोर: एक्सप्रेस-वे भूमि क्रय के लिए प्रशासनिक अमले को मिला प्रशिक्षण
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। जिले में प्रस्तावित फर्रुखाबाद प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेस-वे/लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर भूमि क्रय प्रक्रिया को सुचारु, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आशुतोष कुमार द्विवेदी ने की।
प्रशिक्षण सत्र में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधिकारियों ने उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और लेखपालों को भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रियाओं, प्रचलित नियमों तथा कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। सत्र का फोकस परियोजना से संबंधित सभी प्रशासनिक चरणों को एकरूपता और स्पष्टता के साथ लागू करने पर रहा।
अधिकारियों को भूमि चिन्हांकन, अभिलेखों के सत्यापन, मुआवजा निर्धारण की विधि तथा भुगतान की समय-सीमा जैसे अहम बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भूमि क्रय की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी स्तर पर किसानों एवं भूमि स्वामियों को असुविधा न हो।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एक्सप्रेस-वे परियोजना से जुड़ी प्रत्येक कार्रवाई शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से संपन्न की जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन में प्रशासनिक समन्वय और जनहित सर्वोपरि रहना चाहिए।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन का मानना है कि इस प्रशिक्षण से भूमि क्रय प्रक्रिया में गति आएगी और परियोजना के क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त होगा।






