मतांतरण व आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों में अदालत के आदेश पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
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संवाद 24 संवाददाता। थाना कमालगंज क्षेत्र के गांव बलीपुर निवासी राजकुमार की शिकायत पर झाड़-फूंक के नाम पर ठगी, जबरन मतांतरण, मारपीट और पुत्र को आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोपों में न्यायालय ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी घनश्याम शुक्ला ने तथ्यों व दलीलों पर विचार के बाद थानाध्यक्ष कमालगंज को प्राथमिकी दर्ज कर तीन दिन के भीतर उसकी प्रति न्यायालय में प्रस्तुत करने तथा विवेचना कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, राजकुमार के पुत्र शिवम लंबे समय से बीमार थे। कई चिकित्सकों से उपचार के बावजूद लाभ न मिलने पर परिवार को नगला दाऊद निवासी इदरीश के झाड़-फूंक व ताबीज के जरिए इलाज की जानकारी मिली। आरोप है कि इलाज की आस में करीब छह माह तक प्रत्येक सप्ताह इदरीश के पास जाया गया, जहां ताबीज, मंत्र और पानी पिलाने के नाम पर 40 से 45 हजार रुपये वसूले गए, लेकिन शिवम की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि इलाज का असर न होने की बात कहने पर इदरीश ने परेशानियों से मुक्ति के लिए धर्म परिवर्तन का सुझाव दिया। पुत्र की जान बचाने की मजबूरी में पिता-पुत्र का कथित रूप से मतांतरण कराया गया। कुछ समय बाद शिवम की मानसिक स्थिति और बिगड़ गई। जब रुपये वापस मांगे गए तो इदरीश के पुत्र तमजीद ने कथित तौर पर धक्का-मुक्की कर मारपीट की और धन लौटाने से इनकार कर दिया।
राजकुमार का कहना है कि 5 सितंबर 2025 को थाना कमालगंज में तहरीर दी गई, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक और सीओ अमृतपुर के समक्ष भी बयान दर्ज कराए गए, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि घटनाक्रम से आहत होकर 23 अक्तूबर 2025 को शिवम ने आत्महत्या कर ली।
लगातार प्रयासों के बाद भी जब पुलिस स्तर पर प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो राजकुमार ने न्यायालय की शरण ली। अदालत ने प्रकरण को स्वीकार करते हुए कमालगंज पुलिस को विधि अनुसार एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर मामले की दिशा तय होगी।






