बंद पड़ी कंपिल कताई मिल बनेगी औद्योगिक विकास का नया केंद्र, 100 इकाइयों से खुलेगा रोजगार का रास्ता
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संवाद 24 संवाददाता।लगभग 25 वर्षों से बंद पड़ी कंपिल कताई मिल की 82.5 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। भूमि की सफाई के बाद अब पुराने और जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना के तहत करीब 100 औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की योजना है, जिससे दस हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे न सिर्फ कंपिल बल्कि आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
कंपिल कताई मिल की आधारशिला वर्ष 1983 में तत्कालीन पूर्व विदेश मंत्री Salman Khurshid के पिता और पूर्व सांसद खुर्शीद आलम द्वारा रखी गई थी। वर्ष 1986 में मिल का संचालन शुरू हुआ और प्रारंभिक वर्षों में उत्पादन भी बेहतर रहा। हालांकि, समय के साथ कच्चे माल की कमी, औद्योगिक अशांति, श्रमिक हड़ताल और लगातार बढ़ते घाटे ने मिल की स्थिति कमजोर कर दी। अंततः वर्ष 2000 में मिल को बंद कर दिया गया, जिससे अधिकारी व कर्मचारी सहित लगभग 1200 लोग बेरोजगार हो गए।
गत वित्तीय वर्ष में प्रदेश सरकार ने इस महत्वपूर्ण भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की जिम्मेदारी UPSIDC को सौंपी। बीते माह से निगम द्वारा परिसर की सफाई का कार्य शुरू कराया गया था और अब ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही है। अगले चरण में भूमि का समतलीकरण कर प्लाटिंग की जाएगी, जिसके बाद औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जाएगा।
इस औद्योगिक क्षेत्र के विकसित होने से न केवल फर्रुखाबाद जनपद बल्कि बदायूं, कासगंज, शाहजहांपुर, एटा सहित आसपास के जिलों के उद्यमियों को भी यहां निवेश का अवसर मिलेगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए विकल्प खुलेंगे और बाजारों में व्यापारिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। लंबे समय से आर्थिक सुस्ती झेल रहे क्षेत्र में इस पहल को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष नाथ के अनुसार, जुलाई माह तक हथकरघा विभाग से भूमि पूरी तरह खाली कराकर निगम को हस्तांतरित कर दी जाएगी। इसके बाद ले-आउट को स्वीकृति दिलाई जाएगी। कुल भूमि का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा औद्योगिक इकाइयों के लिए आवंटित किया जाएगा, जहां छोटी से लेकर बड़ी इकाइयों तक लगभग 100 उद्योग स्थापित होने की संभावना है।
कभी आधुनिक सुविधाओं से सजी कंपिल कताई मिल अपने समय में एक आदर्श औद्योगिक परिसर मानी जाती थी। यहां जीएम का आलीशान आवास, गेस्टहाउस, श्रम अधिकारी का आवास और श्रमिकों के लिए दो दर्जन से अधिक आवास बने थे। उत्पादन कक्ष में करोड़ों रुपये की मशीनें और बिजली आपूर्ति के लिए बड़ा जनरेटर लगाया गया था। अब यही परिसर एक बार फिर औद्योगिक गतिविधियों से गुलजार होने की ओर बढ़ रहा है, जिससे क्षेत्र के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।






