31 जनवरी की डेडलाइन तय, संपत्ति छिपाने वालों को नहीं मिलेगा जनवरी का वेतन
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। राज्य सरकार द्वारा मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज कराने के निर्देशों के बावजूद कई सरकारी कर्मचारी अब तक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। शासन ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए अंतिम चेतावनी जारी की है। प्रमुख सचिव एसपी गोयल ने स्पष्ट किया है कि जो अधिकारी एवं कर्मचारी 31 जनवरी तक अपनी संपत्ति का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज नहीं करेंगे, उन्हें जनवरी माह का वेतन नहीं दिया जाएगा।
सरकार की मंशा सरकारी पदों पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति में हो रही वृद्धि की पारदर्शी समीक्षा करना है। इसी उद्देश्य से लंबे समय से मानव संपदा पोर्टल पर सभी कर्मचारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई विभागों में अब तक अपेक्षित अनुपालन नहीं हो सका है।
शासन स्तर पर बार-बार निर्देश जारी होने के बाद भी बड़ी संख्या में कर्मचारी संपत्ति विवरण दर्ज कराने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए प्रमुख सचिव एसपी गोयल ने सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत संपत्ति विवरण दर्ज करना अनिवार्य बताया है। उन्होंने कहा कि 31 जनवरी अंतिम तिथि है और इसके बाद किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन कर्मचारियों या अधिकारियों ने तय समय सीमा तक विवरण नहीं भरा, उनका जनवरी माह का वेतन रोका जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, कई विभागों में ऐसे कर्मचारी हैं जो वर्षों से संवेदनशील एवं मलाईदार पटलों पर तैनात हैं और उनकी संपत्ति वेतन की तुलना में कई गुना बढ़ चुकी है। माना जा रहा है कि इसी कारण कुछ कर्मचारी संपत्ति विवरण दर्ज कराने से बचते नजर आ रहे हैं।
अब शासन के सख्त रुख के बाद यह देखना अहम होगा कि 31 जनवरी की समय सीमा तक कितने कर्मचारी नियमों का पालन करते हैं और कितनों पर वेतन रोकने जैसी कार्रवाई होती है। यह कदम सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।






