फर्रुखाबाद में जया एकादशी स्नान को लेकर रूट डायवर्जन लागू, भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक
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संवाद 24 संवाददाता। जया एकादशी के अवसर पर गंगा स्नान के मद्देनजर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष रूट डायवर्जन लागू किया है। बुधवार रात 8 बजे से जनपद में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ सामान्य नहीं हो जाती।
जया एकादशी पर गंगा स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। इसे देखते हुए बुधवार रात से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के गंगा तटों पर पहुंचने की संभावना है। पांचालघाट गंगा तट पर पहले से ही हजारों श्रद्धालु कल्पवास कर रहे हैं। प्रशासन के अनुसार, विशेष पर्वों के दौरान यहां स्नानार्थियों की संख्या एक लाख तक पहुंच सकती है।
इसके अलावा बरगदियाघाट, श्रंगीरामपुर और ढाई घाट पर भी भारी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचते हैं। इन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से यातायात जाम की स्थिति न बने, इसके लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर भारी मालवाहक वाहनों का रूट डायवर्जन किया गया है।
डायवर्जन के तहत कन्नौज-कानपुर मार्ग से फतेहगढ़ की ओर आने वाले ट्रक, टैंकर, डीसीएम और डंपर जैसे भारी वाहनों को गुरसहायगंज से छिबरामऊ की ओर मोड़ दिया जाएगा। वहीं, छिबरामऊ से जहानगंज होकर फतेहगढ़ आने वाले वाहनों को छिबरामऊ से ही बेवर की दिशा में डायवर्ट किया जाएगा। मैनपुरी मार्ग से आने वाले मालवाहक वाहनों को बेवर में ही रोक दिया जाएगा।
एटा की ओर से फतेहगढ़ आने वाले भारी वाहनों को बिराहिमपुर अलीगंज बॉर्डर (एटा) पर रोका जाएगा। शाहजहांपुर की दिशा से आने वाले वाहनों को थाना अल्लागंज क्षेत्र के हुल्लापुर (शाहजहांपुर) में रोका जाएगा। इसी तरह जरियनपुर चौराहे से ढाईघाट-शमसाबाद की ओर जाने वाले भारी वाहनों को जरियनपुर (शाहजहांपुर) में ही रोकने की व्यवस्था की गई है। हरदोई की ओर से आने वाले मालवाहकों को रूपापुर (हरदोई) में ही रोक दिया जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन का पालन करें और अनावश्यक रूप से प्रतिबंधित मार्गों पर प्रवेश करने का प्रयास न करें। वहीं, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है। संवाद 24 के लिए यह व्यवस्था प्रशासन की सतर्कता और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर की गई एक अहम पहल मानी जा रही है।






