रात भर की बारिश ने बिगाड़ी फर्रुखाबाद की रफ्तार: गलियों में पानी, गांवों में अंधेरा, किसानों की बढ़ी चिंता
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। जनपद में मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक रुक-रुक कर हुई बारिश ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया। तेज हवाओं के साथ हुई इस बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, वहीं बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी गंभीर रहे। बारिश से किसानों की फसलों को संभावित नुकसान को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मंगलवार शाम को अचानक मौसम बदला और आसमान में घने बादल छा गए। इसके बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जो देर रात गरज-चमक के साथ तेज बारिश में बदल गई। यह सिलसिला बुधवार सुबह तक रुक-रुक कर जारी रहा। लगातार बारिश ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की कमियों को उजागर कर दिया, क्योंकि कई स्थानों पर नालियां चोक होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी।
शहर के मोहल्ला नेकपुर 84, फतेहगढ़ समेत अन्य कई इलाकों में गलियों और सड़कों पर पानी भर गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों की समय पर सफाई न होने के कारण जलभराव हुआ, जिससे आवागमन बाधित हो गया। गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर लोगों में नगर प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली।
बारिश के साथ ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई। शहर में बिजली बार-बार आती-जाती रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक आपूर्ति ठप रही। कायमगंज क्षेत्र के लगभग 70 गांव, नवाबगंज क्षेत्र के करीब 50 गांव और मोहम्मदाबाद क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में बिजली गुल रही। शमशाबाद ब्लॉक के कई गांवों में भी अंधेरे की स्थिति बनी रही, जिससे घरेलू कामकाज के साथ-साथ कृषि कार्य भी प्रभावित हुए।
मौसम की इस मार से किसान सबसे अधिक चिंतित नजर आए। किसानों के अनुसार सरसों की फसल में इस समय फूल आ चुके हैं और तेज हवा के साथ बारिश होने से फूल झड़ने का खतरा बढ़ गया है। आलू की फसल में खेतों में जलभराव होने से रोग लगने की आशंका जताई जा रही है। वहीं गेहूं की फसल गिरने का खतरा है, जिससे उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। तंबाकू की फसल को भी भारी नुकसान की संभावना बताई जा रही है।
बारिश का असर रेल यातायात पर भी पड़ा। कानपुर-कासगंज रेलवे लाइन पर नेकपुर पुल के पास पानी भर गया, जिससे स्थिति चिंताजनक हो गई। सूचना मिलने पर बुधवार सुबह रेलवे कर्मी मौके पर पहुंचे और पानी निकासी व सफाई कार्य शुरू कराया गया। रेल प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कुल मिलाकर, इस बारिश ने जहां शहर की व्यवस्थाओं की कमजोरियों को उजागर किया है, वहीं किसानों के लिए भी चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें मौसम के अगले मिजाज और प्रशासन की तैयारियों पर टिकी हैं।






