रामनगरिया मेले में संत समाज का अभिनंदन, डीएम बोले– देश को दिशा देते हैं संत
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संवाद 24 संवाददाता। पांचाल घाट स्थित श्री रामनगरिया मेले में संत महात्माओं के सम्मान में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम खोया-पाया सेवा शिविर के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी सहित मेला समिति के सदस्य विजय मिश्र उपस्थित रहे। मां भागीरथी के पावन तट पर आयोजित इस समारोह में संत समाज की भूमिका और सनातन संस्कृति पर विस्तार से चर्चा की गई।
समारोह का शुभारंभ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय पंडित रामसेवक मिश्र के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार तथा मेला समिति के सदस्य विजय मिश्र ने उपस्थित संत महात्माओं को शॉल ओढ़ाकर और माल्यार्पण कर सम्मानित किया। साथ ही खोया-पाया सेवा शिविर के संरक्षक ओमकार नाथ त्रिपाठी को भी सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने सनातन धर्म की मूल अवधारणाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चार वर्ण व्यवस्था कर्म आधारित है, न कि जन्म या जाति पर आधारित। उन्होंने कहा कि इतिहास में बाहरी आक्रांताओं द्वारा इस व्यवस्था को जाति आधारित बताकर समाज में विभाजन पैदा करने का प्रयास किया गया, जिससे भारत की एकता और अखंडता को क्षति पहुंची।
जिलाधिकारी ने आदि शंकराचार्य द्वारा देश के चार कोनों में स्थापित मठों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक एकता, अखंडता और धार्मिक परंपराओं को सुदृढ़ बनाए रखना था। उन्होंने संत समाज को समाज का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि संतों ने सदैव देश और समाज को सही दिशा देने का कार्य किया है।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने रामनगरिया मेले को जन-जन का मेला बताते हुए कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि मां भागीरथी के तट पर लगने वाला यह मेला स्थानीय लोगों के लिए आजीविका और रोजगार का भी महत्वपूर्ण साधन है। समारोह का समापन श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ हुआ।






